उत्तराखंड में तेज रफ्तार वाहनों पर लगाम लगाने के लिए बनेगी नई SOP.

उत्तराखंड में तेज रफ्तार वाहनों पर लगाम लगाने के लिए बनेगी नई SOP.

उत्तराखंड- 24 मार्च 2026

उत्तराखंड परिवहन विभाग तेज रफ्तार वाहनों पर अंकुश लगाने के लिए मानक प्रचालन कार्यविधि (SOP) तैयार कर रहा है। इसका उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं को कम करना है,जिनमें से एक तिहाई तेज गति के कारण होती हैं। प्रदेश में तेज रफ्तार वाहनों पर अंकुश लगाने के लिए मानक प्रचालन कार्यविधि (एसओपी) तैयार की जाएगी,इसके तहत शहर की सड़कों में गति सीमा तय करने के साथ ही इन्हें सुरक्षित बनाने को रंबल स्ट्रिप लगाए जाएंगे। साथ ही तेज रफ्तार वाहनों को सीज करने और लाइसेंस निरस्तीकरण के प्रविधान भी सख्ती से लागू करने की व्यवस्था की जाएगी।

प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। गत वर्ष प्रदेश में 1800 से अधिक सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं। सड़क दुर्घटनाओं के कारणों की जांच में एक बात जो प्रमुखता से सामने आई है, वह ये है कि कुल दुर्घटनाओं में से एक तिहाई दुर्घटनाएं तेज रफ्तार वाहनों से होती है। इसे देखते हुए अब विभाग नए सिरे से इन पर अंकुश लगाने की कार्ययोजना तैयार करने की तैयारी में जुट गई है। जल्द ही इसे अंतिम रूप दिया जाएगा।शहरी क्षेत्रों में भी लगाए जाएंगे एपीएनआर कैमरे,परिवहन विभाग की योजना अब शहरी क्षेत्रों में 23 एपीएनआर कैमरे लगाने की है। इसके लिए ऐसे इलाके चिह्नित किए जाएंगे जहां बीते वर्षों में दुर्घटनाएं अधिक हुई हों।

देहरादून में दो क्षेत्रों में गति होगी नियंत्रित⤵️

विभाग की योजना देहरादून के राजपुर से दिलाराम चौक और आशारोड़ी से आइएसबीटी तक वाहनों की गति नियंत्रित की जाएगी। यहां भी कैमरे लगाए जाएंगे। यहां तेज रफ्तार और ओवर टेकिंग पर पर चालान सुनिश्चित किए जाएंगे।रात में प्रवर्तन होगा तेजवाहन दुर्घटना में यह देखा गया है कि अधिकांश दुर्घटनाएं रात के समय होती है। इसे देखते हुए रात के समय भी चेकिंग कार्यों में तेजी लाई जाएगी।

वाहन को सीज करने के लिए बनेगा स्पाट⤵️

वाहनों पर सख्त कार्रवाई करने के लिए इन्हें सीज करने की तैयारी है। अभी सीज किए गए वाहनों को रखने के लिए विभाग के पास जगह नहीं है। वहीं थानों में भी जगह कम है। इसे देखते हुए अब विभाग इसके लिए नया स्पाट देख रहा है ताकि वाहनों को सीज करने की कार्रवाई तेज की जा सके।

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