गढवाल- कुमाऊं के सीमांत पुरानालोहवा में पांडव नृत्य का आयोजन,व्यास गंगा स्नान को पांडव परिवार के साथ उमडी ग्रामीणों की भारी भीड।
6 किलोमीटर पैदल यात्रा के दौरान ग्रामीणों द्वारा पुष्प वर्षा के साथ स्वागत,भोज का भी आयोजन
मेहलचौरी-(गैरसैंण)-03 दिसम्बर 2025
रिपोर्ट- प्रेम संगेला।
विकासखंड गैरसैंण के सीमावर्ती लोहवापट्टी से सटे कुमाऊं क्षेत्र के चौखुटिया विकासखंड के अंतर्गत पुरानालोहवा-सिमलखेत में आजकल पांडव लीला नृत्य का भव्य आयोजन किया जा रहा है,जिसमें दर्शकों की भारी भीड़ उमड रही है। 17 नवंबर से प्रारंभ हुई पांडव लीला के 17वें दिन पांडव परिवार स्नान के लिए सैंजी-गैरसैंण के ब्यास घाट पर पहुंचे,इस दौरान पैदल चल रहे पांडव परिवार पर ग्रामीणों ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया।व्यास गंगा के मुहाने पर विधिपूर्वक स्नान के बाद पांडव परिवार द्वारा हवन यज्ञ के साथ ही नारियल की आहुति देकर इष्ट देवों का स्मरण किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पुरानालोहवा,सिमलखेत,पांडुवाखाल,कुनडियागांव,कुम्यागांव,भूमकिया,खीड़ा,परसारागांव,गंगोलागांव,पंडवा, नवाण,मोहनगैर,घुडसारी आदी गावों के सैकड़ो ग्रामीण गाजे बाजे व पवित्र ध्वज निशानों के साथ 6 किलोमीटर पैदल चलकर ब्यास स्नान के साक्षी बनने पांडव परिवार के साथ पहुंचे।
✅अलग-अलग गांवों में पाडवों का भोज
पौराणिक मान्यताओं के अनुरूप पैदल वापसी में आगरचट्टी के आनंद सिंह नेगी,बिसरखेत के प्रेम सिंह रावत व अवतार सिंह नेगी के घर सहित मेहलचौरी के पौराणिक शिव मंदिर में अल्प विराम के दौरान ग्रामीणों ने पांडव परिवार का आथित्य सत्कार करते हुए भोज का आयोजन किया।
✅गढवाल-कुमाऊं के सीमान्त क्षेत्र से पंहुच रहे श्रद्धालु दर्शक
पांडव नृत्य देखने श्रद्धालु दर्शकों की भारी भीड़ उमड रही है,जिसमें कुमाऊं क्षेत्र के रामपुर चौखुटिया व गढ़वाल क्षेत्र के मेहलचौरी,रोहिड़ा, खंसर-माईथान व कुनीगाड क्षेत्र के ग्रामीण पांडव नृत्य देखने पहुंच रहे हैं। पौराणिक मान्यताओं के आधार पर मनाए जाने वाले पांडव नृत्य की शुरुआत में पदम की पवित्र वृक्ष पंय्या पूजन के साथ पांडवों के अस्त्र तैयार किए जाते हैं,जिसके साथ भूमियाल देवता का पूजन भी किया जाता है।
✅महाभारत की कथा ओर पांडवों के उत्तराखंड प्रवास के प्रमाणो पर आधारित है नृत्य लीला
महाभारत की लड़ाई को आधार मानकर पांडव नृत्य लीला का आयोजन होता है।जिसमें कृष्ण भगवान की अगुवाई में पांडव परिवार कौरवों के असत्य के खिलाफ न्याय की लड़ाई और संघर्ष का वर्णन पंडवाणी गायन के माध्यम से किया जाता है।पांडव परिवार के अज्ञातवास के दौरान उत्तराखंड प्रवास व अंतिम समय में स्वर्गारोहिणी प्रस्थान के दौरान भी पांडवों के विभिन्न स्थानों पर प्रवास की यादों को को जीवंत बनाने के लिए पांडव नृत्य का आयोजन किया जाता है।
✅6 दिसंबर को मेले के साथ होगा समापन
6 दिसंबर को आयोजित होने वाले गेंडा बध के दिन सबसे पहले नागार्जुन राक्षस के रूप में काशीफल कद्दू का प्रतिकात्मक तीर वेधन के बाद पाडंव परिवार मेहलचौरी रामगंगा संगम पर पित्र तृपण करने पंहुचेगे।जिसके बाद अर्जुन द्वारा गेंडा वध के साथ पांडव नृत्य का हवन यज्ञ व भंडारे के साथ समापन किया जाएगा।
✅ग्राम भ्रमण कर पांडव देते हैं,सुख-शांति ओर समृद्धि का आशीर्वाद
गेंडा मेला से एक दिन पूर्व पांडव परिवारों द्वारा अलग-अलग दलों में ग्राम भ्रमण किए जाने की परंपरा है।इस दौरान ग्रामीणों द्वारा तैयार पारंपरिक पकवान परोसे जाते हैं।जिसके बाद पांडव पात्रों द्वारा परिजनों को सुख शांति का आशीर्वाद दिया जाता है। इस बीच अलग-अलग दिनों में भी लोग पांडव परिवार को सामान पूर्वक आमंत्रित कर भोज की व्यवस्था करते हैं,वही क्षमतानुसार भेंट व अन्य सामग्री भी भेंट स्वरूप प्रदान किए जाने की पंरपरा है।
✅पांडव पात्रों के अभिनय में शामिल
पांडवलीला में अभिनय कर रहे पात्र,कमला देवी माता कुंती,देवेंद्र सिंह कृष्ण भगवान, हिमांशु सिंह हनुमान जी,सुरेंद्र सिंह युधिष्ठिर,70 वर्षीय राजेंद्र सिंह भीमसेन,हरवेन्द्र सिंह अर्जुन,गौरव सिंह नकुल,किशन सिंह सहदेव, भरत सिंह नागार्जुन,बिशन सिंह अभिमन्यु,पूरन सिंह नेगी घटोत्कच,सुरेंद्र सिंह बर्बरीक,दीपा देवी द्रोपदी,उषा देवी बसंता,ममता देवी उत्तरा,माया देवी नकुली के पात्रों का किरदार निभा रहे हैं।वहीं नारायणी सेना में मोहित,नीरज व तरुण जबकि पांडव सहयोगियों में गोविंद राम और आनन्द राम शामिल हैं
✅पांडव लीला कमेटी के सहयोगी
कुल पुरोहित के रूप में पंडित नरेंद्र बरमोला सभी अनुष्ठानों को विधिपूर्वक सम्पन्न कर रहे हैं।इस दौरान महेशी देवी पंडवाणी गायन की जिम्मेदारी निभा रही हैं।ढोलवादक के रूप में पुष्कर लाल व बुधीराम पंडवाणी धुन बजाकर पांडव नृत्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।कमेटी के अध्यक्ष कुंदन सिंह,सचिव हीरा सिंह नेगी,कोषाध्यक्ष नंदन सिंह नेगी लेखन आनन्द सिंह नेगी व संचालन दिनेश परसारा कर रहे हैं।जबकि सहयोगी के रूप में महिला मंगल दलों की अध्यक्ष जानकी देवी व उर्मिला देवी सहित 12 गांवों की महिलाएं सहयोग कर रही है।
