अंकिता भंडारी हत्याकांड- अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर श्रीनगर में सड़कों पर उतरा जनसैलाब।

अंकिता भंडारी हत्याकांड-अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर श्रीनगर गढ़वाल में सड़कों पर उतरा जनसैलाब।

श्रीनगर (पौड़ी गढ़वाल)- 03 जनवरी 2025

उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर श्रीनगर में एक विशाल रैली का आयोजन किया गया। इस रैली में कांग्रेस पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी शामिल हुए। पूरे शहर में निकाली गई रैली के जरिए कांग्रेस ने संदेश दिया कि अंकिता भंडारी मामले में सरकार चुप्पी साधे हुए है। रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि, अंकिता भंडारी के साथ हुआ घटनाक्रम पौड़ी जिले के यमकेश्वर विधानसभा क्षेत्र का है। जहां घटना के तुरंत बाद स्थानीय विधायक द्वारा रिसॉर्ट पर बुलडोजर चलाकर अहम सबूतों को मिटाने का काम किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि रिसॉर्ट में बुलडोजर नहीं चलाया गया होता, तो वहां मौजूद सबूतों के आधार पर इस मामले में शामिल कथित वीआईपी का नाम पहले ही सामने आ जाता। कांग्रेस नेताओं ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए और सबूत मिटाने के आरोपों को लेकर विधायक रेनू बिष्ट के खिलाफ भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि,बहुचर्चित अंकिता भंडारी प्रकरण में कांग्रेस पार्टी शुरू से ही पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है,जब तक परिवार को न्याय नहीं मिल जाता, संघर्ष जारी रहेगा। इस पूरे मामले में जितने भी अपराधी शामिल हैं, उन पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। गणेश गोदियाल ने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार वीआईपी से जुड़े नए-नए ऑडियो और वीडियो सामने आ रहे हैं. लेकिन सरकार उनकी निष्पक्ष जांच कराने के बजाय उन्हें बचाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा के पूर्व विधायक की कथित पत्नी द्वारा सार्वजनिक किए गए ऑडियो और वीडियो इस बात को स्पष्ट करते हैं कि इस पूरे प्रकरण में शामिल वीआईपी भाजपा से जुड़ा है। इसके बावजूद सरकार जांच से बच रही है. प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि इससे सरकार की मंशा साफ झलकती है कि वह अंकिता को न्याय दिलाने के बजाय अपने लोगों को बचाने में जुटी हुई है।उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार का कोई भी मंत्री उनसे खुली बहस के लिए आ सकता है। कांग्रेस उस बहस में सभी सबूत सार्वजनिक रूप से रखेगी। गणेश गोदियाल ने कहा कि जिसने भी इस मामले में सबूत मिटाने का काम किया है, वही सबसे बड़ा अपराधी है और उसे कठोर सजा मिलनी चाहिए।

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