AI वीडियो को लेकर सियासी घमासान,हरदा बोले जन मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने की साजिश।
देहरादून-20 दिसम्बर 2025
उत्तराखंड की सियासत में एक बार फिर सोशल मीडिया से जुड़ा विवाद चर्चा में है। भारतीय जनता पार्टी द्वारा जारी एक AI वीडियो ने राजनीतिक हलकों में घमासान मचा दिया है। इस वीडियो में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की तस्वीर का इस्तेमाल किया गया है और बैकग्राउंड में “मजार शरणम गच्छामि” और “मस्जिद शरणम गच्छामि” जैसे ऑडियो सुनाई दे रहे हैं। भाजपा जहां इसे कांग्रेस की तुष्टिकरण राजनीति का उदाहरण बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे समाज को बांटने की साजिश करार दे रही है, दरअसल भाजपा ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से एक AI तकनीक से तैयार वीडियो साझा किया है.वीडियो में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को अल्पसंख्यक तुष्टिकरण की राजनीति से जोड़कर दिखाया गया है.भाजपा का दावा है कि इस वीडियो के जरिए कांग्रेस की कथित वोट बैंक राजनीति को जनता के सामने लाया गया है.भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट का कहना है कि मैं इस AI वीडियो पर मैं कुछ भी प्रतिक्रिया नही देना चाहूंगा,कहा कि मुस्लिम यूनिवर्सिटी की बात कांग्रेस के लोग करते हैं.हमने कभी नही कहा की हम मुस्लिम यूनिवर्सिटी बनायेगे,बल्कि हमारी पार्टी सबको साथ लेकर चलने वाली पार्टी है. हम सबका साथ सबके विकास पर कार्य करते है. कांग्रेस पार्टी हमेशा से तुष्टिकरण की राजनीति करती रही है।
वहीं इस AI वीडियो पर हरदा ने पलटवार किया है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का कहना है कि इस तरह के वीडियो देश की सामाजिक एकता और सद्भावना को तोड़ने की कोशिश करते हैं। हरदा ने कहा बीजेपी का चुनावी एजेंडा सिर्फ हिंदू-मुस्लिम राजनीति तक ही सीमित है,ताकि बेरोजगारी,महंगाई,कानून-व्यवस्था,महिलाओं पर अत्याचार, कुपोषण और पलायन जैसे मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाया जा सके।
