सर्दियों में जोड़ों व मांसपेशियों के दर्द से बचाव को लेकर सीनियर फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. जयदेव सिंह ने दी जानकारी।

सर्दियों में जोड़ों व मांसपेशियों के दर्द से बचाव को लेकर सीनियर फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. जयदेव सिंह ने दी जानकारी।

सर्दियों में बढ़ता जोड़ों व मांसपेशियों का दर्द,विटामिन-डी व बी 12 की कमी भी बन रही कारण,फिजियोथेरेपी से मिलेगी सुरक्षित व प्रभावी राहत।

देहरादून-22 दिसंबर 2025

सर्दियों का मौसम शुरू होते ही जोड़ों और मांसपेशियों के दर्द की शिकायतें बढ़ने लगती हैं। इस दौरान विशेष रूप से ऑस्टियोआर्थराइटिस, सर्वाइकल व लंबर स्पॉन्डिलोसिस, कमर दर्द, सायटिका और फ्रोजन शोल्डर से पीड़ित मरीजों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। दर्द के साथ-साथ जोड़ों में अकड़न और चलने-फिरने में कठिनाई भी देखने को मिलती है।

सीनियर फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. जयदेव सिंह के अनुसार, सर्दियों में ठंड के कारण शरीर में वेसोकंस्ट्रिक्शन होता है, जिससे रक्त संचार प्रभावित होता है। इसके परिणामस्वरूप जोड़ों में जकड़न और मांसपेशियों में ऐंठन (मसल स्पाज्म) बढ़ जाती है। इसके साथ ही इस मौसम में Vitamin D और Vitamin B12 की कमी भी तेजी से देखने को मिलती है, जो दर्द और कमजोरी को बढ़ाने का एक प्रमुख कारण है। सर्दियों में शारीरिक गतिविधि कम होने से मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं, जिससे समस्या और गंभीर हो सकती है।

डॉ. जयदेव सिंह बताते हैं कि Vitamin D की कमी से हड्डियों में दर्द, मांसपेशियों की कमजोरी और जल्दी थकान महसूस होती है, जबकि Vitamin B12 की कमी से हाथ-पैरों में झनझनाहट, नसों में दर्द, सुन्नपन और संतुलन में कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। सर्दियों में धूप कम मिलने और खान-पान की अनदेखी के कारण इन विटामिन्स की कमी और बढ़ जाती है.उन्होंने बताया कि फिजियोथेरेपी इस प्रकार की समस्याओं में एक सुरक्षित और प्रभावी उपचार पद्धति है.फिजियोथेरेपी के अंतर्गत हॉट थैरेपी,अल्ट्रासाउंड, इंटरफेरेंशियल थैरेपी (IFT) के साथ-साथ स्ट्रेचिंग व स्ट्रेंथनिंग एक्सरसाइज कराई जाती हैं, जिससे दर्द में कमी आती है और जोड़ों की कार्यक्षमता बनी रहती है।

डॉ. सिंह के अनुसार, मरीज घर पर भी कुछ सावधानियां अपनाकर राहत पा सकते हैं। रोज सुबह हल्की स्ट्रेचिंग करें, दिन में एक से दो बार गर्म पानी से सिकाई करें, लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठने से बचें और घुटनों व कमर को ठंड से सुरक्षित रखें। दर्द बढ़ने पर स्वयं दवाइयां लेने के बजाय विशेषज्ञ से सलाह लेना आवश्यक है।उन्होंने बताया कि मरीजों को रोजाना सुबह 15–20 मिनट धूप में बैठना चाहिए, जिससे Vitamin D का स्तर बढ़ता है। आहार में दूध, दही, अंडा, मछली और हरी सब्जियों को शामिल करें। Vitamin B12 के लिए दूध, दही, पनीर और अंकुरित अनाज लाभकारी होते हैं। इसके साथ ही सही पोश्चर अपनाना और नियमित हल्की एक्सरसाइज करना भी जरूरी है। समय रहते फिजियोथेरेपी और सही देखभाल अपनाकर सर्दियों में होने वाले जोड़ों और मांसपेशियों के दर्द से बचाव संभव है।

— डॉ. जयदेव सिंह
MPT neurology
सीनियर फिजियोथेरेपिस्ट, उत्तराखंड
📞 8936904287

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