टिहरी की बेटी मीनल ने किया उत्तराखंड का नाम रोशन, IAS परीक्षा में हासिल की 66 वीं रैंक।
टिहरी गढ़वाल-07 मार्च 2026
टिहरी जिले की बेटी मीनल ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा में 66वीं रैंक हासिल कर जिले और पूरे उत्तराखंड का नाम रोशन किया है। मीनल की इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है और लोग उन्हें बधाई दे रहे हैं।
मीनल की सफलता से उनके परिवार के साथ-साथ क्षेत्रवासियों में भी गर्व का माहौल है। उनकी इस उपलब्धि को युवाओं के लिए प्रेरणादायक माना जा रहा है। मीनल ने अपनी कड़ी मेहनत, लगन और निरंतर प्रयास से यह मुकाम हासिल किया है। मीनल की सफलता पर जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। लोगों का कहना है कि मीनल ने यह साबित कर दिया कि अगर लक्ष्य के प्रति समर्पण और मेहनत हो तो किसी भी मंजिल को हासिल किया जा सकता है।
बता दें कि मूल रूप से जनपद टिहरी के चंबा ब्लॉक के दिवाड़ा गांव निवासी 22 वर्षीय मीनल नेगी का परिवार देहरादून के मयूर विहार में रहता है. मीनल ने वर्ष 2018 में दसवीं की परीक्षा चंबा से 91.4% अंक से उत्तीर्ण की. उसके बाद उनका परिवार देहरादून शिफ्ट हो गया. इंटर डीएवी पब्लिक स्कूल देहरादून से 98%.ग्राफिक एरा देहरादून से बीएससी फिजिक्स ऑनर्स में 9.8 सीजीपीए तथा डीएवी पीजी कॉलेज देहरादून से एमएससी में 7.6 सीजीपीए के साथ उत्तीर्ण की।
मीनल नेगी के पिता प्रीतम सिंह नेगी टिहरी के डोबरा में अध्यापक पद पर कार्यरत हैं. जबकि मां गीता नेगी गृहणी है.मीनल का बड़ा भाई सॉफ्टवेयर इंजीनियर है और छोटा भाई जेईई की तैयारी कर रहा है.संस्कारों में पली-बढ़ी मीनल ने कठिन परिश्रम और अनुशासन के बल पर यूपीएससी की परीक्षा में 66वीं रैंक हासिल कर बड़ी उपलब्धि प्राप्त की है.पहले प्रयास में असफलता के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और दूसरे प्रयास में शानदार सफलता प्राप्त की.मीनल की उपलब्धि क्षेत्र ही नहीं बल्कि पूरे टिहरी तथा प्रदेश युवाओं के लिए प्रेरणा है कि सीमित संसाधनों में भी दृढ़ संकल्प और मेहनत से बड़े सपने पूरे किया जा सकते हैं।
मीनल नेगी ने बताया कि मेरी पारिवारिक पृष्ठभूमि काफी सामान्य है मेरी पढ़ाई 10 वीं तक चंबा से ही हुई है जबकि 12 डीएबी पब्लिक स्कूल देहरादून से किया और आगे की पढ़ाई मैंने ग्राफिक ऐरा देहरादून से की, 12 के बाद ही मैने यूपीएससी की तैयारी के बारे में सोच लिया था, मीनल ने बताया मेरे पिताजी सरकारी स्कूल में अध्यापक है और माता गृहणी है, यूपीएससी की तैयारी के लिए मेरे पिताजी ने ही मुझे मोटिवेट किया, उन्होंने पहाड़ के युवाओं के प्रेरित करते हुए संदेश दिया कि आज शहरों में जो रह रहे हैं पहाड़ के लोग भी कहीं पीछे नहीं है मोबाइल सभी के हाथ में है और सारी गाइडलाइन मोबाइल पर मिल सकती है, वहीं उन्होंने डिसीप्लीन रहने की सलाह दी और कहा कि पहाड़ का खून है मेहनत करने का मेहनत करके रहे जब तक सफल नहीं होते। दिवाडा की ग्राम प्रधान पूनम नेगी ने भी मीनल को बधाई देता हुए कहा कि हम सब ग्राम वासियों के लिए मीनल की सफलता गौरव का क्षण है।
