गैरसैंण में आयोजित होगा आगामी 09 मार्च (सोमवार) से 13 मार्च (शुक्रवार) तक विधानसभा का बजट सत्र।
उत्तराखंड-17 फरवरी 2026
उत्तराखंड सरकार ने उत्तराखण्ड की पंचम विधान सभा, 2026 की पहली सत्र आय-व्ययक अधिवेशन आहूत किए जाने को लेकर तिथियां का ऐलान कर दिया है। इस संबंध में विधाई एवं संसदीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव धनंजय चतुर्वेदी ने आदेश जारी कर दिए हैं। जारी किए गए आदेश के अनुसार, उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण स्थित भराड़ीसैण विधानसभा भवन में बजट सत्र आगामी 9 मार्च से 13 मार्च 2026 तक आहूत किया जाएगा। प्रमुख सचिव ने विधानसभा सचिव को पत्र भेजकर विधानसभा बजट सत्र से संबंधित अग्रिम कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।
उत्तराखंड विधानसभा का बजट सत्र 9 मार्च से आहूत होने जा रहा है। ऐसे में बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) का अभिभाषण होगा। और फिर सत्र के दूसरे दिन यानी 10 मार्च को राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा की जाएगी। इसी क्रम में विधानसभा बजट सत्र के तीसरे दिन यानी 11 मार्च को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बतौर वित्त मंत्री आगामी वित्तीय वर्ष 2026- 27 का बजट सदन के पटल पर रखेंगे।
दरअसल, आगामी विधानसभा बजट सत्र को लेकर 15 जनवरी 2026 को हुई धामी मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान चर्चा की गई थी,इस दौरान मंत्रिमंडल ने विधानसभा बजट सत्र की तिथियों और स्थान के चयन के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को अधिकृत कर दिया था। इसके बाद 21 जनवरी को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस बात को कहा था कि आगामी विधानसभा बजट सत्र उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में आहूत किया जाएगा। लेकिन तिथियां का निर्धारण नहीं किया गया था।
ऐसे में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सहमति के बाद मंगलवार को विधायी एवं संसदीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव की ओर से विधानसभा सचिव को पत्र भेजकर अवगत कराया गया है कि 9 से 13 मार्च 2026 तक सत्र/आय-व्ययक अधिवेशन आहूत किया जाएगा। साथ ही पत्र के माध्यम से विभाग ने विधानसभा सचिव से आग्रह किया है कि आगामी विधानसभा सत्र की तैयारी शुरू कर दे। सरकार की ओर से पहले से ही आगामी विधानसभा सत्र गैरसैंण में कराए जाने का निर्णय हो चुका था। जिसके दृष्टिगत सभी विभागों की ओर से अपनी- अपनी तैयारियां मुकम्मल कराई जा रही है। इसके साथ ही आगामी विधानसभा सत्र के दृष्टिगत वित्त विभाग की ओर से सभी विभागों से प्रस्ताव मांगे गए थे जिस पर वर्तमान समय में विभागवार चर्चा की जा रही है।
