आज संसद में पेश होगा बजट,पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने दी बजट को लेकर अपनी प्रतिक्रिया।
देहरादून-01 फरवरी 2026
1 फरवरी यानी कि आज पेश होने वाले आम बजट में अब केवल एक दिन का समय बचा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस बार लगातार नौवीं बार संसद में बजट भाषण देंगी। खास बात यह है कि पिछले एक दशक में पहली बार यूनियन बजट रविवार के दिन पेश किया जाएगा।
कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर नीति निर्धारण में समन्वय की कमी का आरोप लगाते हुए सवाल उठाया कि क्या एक फरवरी 2026 को बजट के आंकड़े पेश किए जाने के तुरंत बाद उनमें संशोधन किया जाएगा,क्योंकि बजट के कुछ ही दिन बाद सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) की नई श्रृंखला जारी की जानी है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज रविवार को अपना रिकॉर्ड नौवां बजट पेश करेंगी, जिसमें दो अंतरिम बजट भी शामिल हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि बजट सिर्फ आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि आम जनता की उम्मीदों और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ा हुआ होना चाहिए। उन्होंने कहा आज आम आदमी महंगाई, बेरोजगारी और रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं की कीमतों से परेशान है। अगर बजट के कुछ ही दिनों बाद जीडीपी और सीपीआई के आंकड़े बदलने हैं, तो यह साफ किया जाना चाहिए कि इसका असर जनता पर कैसे पड़ेगा। सरकार को पारदर्शिता के साथ बताना चाहिए कि ये बदलाव किसके हित में हैं।
हरीश रावत ने सुझाव देते हुए कहा कि केंद्र सरकार को बजट बनाते समय राज्यों की वित्तीय स्थिति, किसानों की आय, मध्यम वर्ग पर बढ़ते खर्च और गरीब तबके की बुनियादी जरूरतों को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने कहा नीतियां ऐसी हों कि उनका सीधा लाभ आम नागरिक तक पहुंचे। सिर्फ आंकड़ों की बाजीगरी से भरोसा नहीं बनता, भरोसा बनता है जमीन पर दिखने वाले असर से। कल पेश होने वाले बजट को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा आज के समय में लोअर मिडल क्लास और मिडिल क्लास के ऊपर कई प्रकार का महंगाई को लेकर बोझ बढ़ चुका है। साथ ही आज के समय में शिक्षा और चिकित्सा महंगी हो चुकी है। जब तक इन वर्गों को केंद्र सरकार राहत नहीं मिलेगी तब तक अच्छा बजट नहीं कहा जा सकता. एजुकेशन लोन की भी ब्याज दर में भी प्रतिशत कम होना चाहिए।
