चारधाम और बीकेटीसी के अधीन मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध का प्रस्ताव,बोर्ड बैठक में आएगा मुद्दा।
उत्तराखंड-30 जनवरी 2026
उत्तराखंड में धार्मिक स्थलों की मर्यादा और परंपराओं को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। राज्य में चारधाम यात्रा और आगामी अर्धकुंभ को देखते हुए बद्री-केदार मंदिर समिति (B.K.T.C) ने अपने अधीन मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश को लेकर सख्त रुख अपनाने की तैयारी शुरू कर दी है। लंबे समय से विभिन्न धार्मिक संगठनों और समाज के लोगों की ओर से यह मांग उठाई जा रही थी कि सनातन परंपराओं से जुड़े धामों की पवित्रता को बनाए रखने के लिए स्पष्ट नियम बनाए जाएं।
B.K.T.C के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि गैर-हिंदू की परिभाषा को लेकर अनावश्यक भ्रम फैलाया जा रहा है, जबकि संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 के तहत सिख, बौद्ध और जैन समाज सनातन परंपरा का ही हिस्सा माने जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल के वर्षों में राज्य का माहौल खराब करने की कोशिशें हुई हैं, अवैध मजारों और अतिक्रमण के मामलों ने चिंता बढ़ाई है। इसी पृष्ठभूमि में गंगा सभा सहित कई संगठनों ने हर की पौड़ी और अन्य धामों में प्रतिबंध की मांग उठाई।
हेमंत द्विवेदी ने बताया कि बद्री-केदार मंदिर समिति के अधीन कुल 47 मंदिर हैं, जिनमें केदारनाथ और बदरीनाथ दो प्रमुख धाम शामिल हैं। इन सभी मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध से जुड़ा प्रस्ताव आगामी बोर्ड बैठक में रखा जाएगा, जिसे बाद में सरकार और शासन के समक्ष भेजा जाएगा।
