गढ़वाल व कुमाऊं मंडल को जोडने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग खस्ताहाल,आए दिन का जाम बना सरदर्द।
मेहलचोरी ,गैरसैंण व आदिबद्री बाजार जाम से प्रभावित,65 साल पहले बने मेहलचौरी के रामगंगा पुल की हालत दयनीय।
मेहलचौरी (गैरसैंण)- 12 जनवरी 2026
रिपोर्ट-प्रेम संगेला।
राष्ट्रीय राजमार्ग 109 गढवाल व कुमाऊं मंडल को जोडने वाला महत्वपूर्ण मार्ग होने के बाबजूद पिछले 65 वर्षों से चौड़ीकरण की बाट जोह रहा है। 200 किलोमीटर की लंबाई लिए बेहद खस्ताहाल व कम चौडाई वाला ज्योलीकोट-कर्णप्रयाग मार्ग कुमाऊं मंडल के नैनीताल से शुरू होकर जनपद चमोली के कर्णप्रयाग में मिलता है।इसके बीच पड़ने वाले अधिकांश बाजारों में अक्सर जाम की स्थिति देखने को मिलती है। धार्मिक व पर्यटन के साथ ही सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मार्ग के चौड़ीकरण की मांग लंबे समय से की जा रही है। हालिया दिनों में राष्ट्रीय राजमार्ग के केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी द्वारा इस सड़क के चौड़ीकरण सुधारीकरण का जिक्र किया गया जिससे लोगों में सडक की दशा सुधरने को लेकर आश जगी थी, प्रदेश की अन्य सडकों के लिए जहां धनराशि की घोषणा हो चुकी है वहीं इस सड़क के लिए फिलहाल धनराशी निर्गत न होने से एक बार फिर मायूसी ही हाथ लगी है।मेहलचौरी,गैरसैंण,आदिबद्री बाजारों में लगने वाले जाम से जहां लंबी दूरी के यात्रियों का समय बर्बाद होता है,वहीं स्थानीय पैदल यात्रियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उल्लेखनीय है कि भारत- चीन युद्ध के दौरान पिछले 60 के दशक में बनी यह सड़क 2004 में राष्ट्रीय राजमार्ग तो घोषित कर दी गई ,लेकिन मानकों के अनुरूप सड़क का चौड़ीकरण अब तक नहीं हो पाया है जिससे क्षेत्रवासियों में निराशा है। एक तरफ यह राष्ट्रीय राजमार्ग गढ़वाल क्षेत्र के बद्रीनाथ ,केदारनाथ ,हेमकुंड साहिब व नरसिंह मंदिर जैसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों को जोड़ता है,वहीं पर्यटन स्थल औली ओर बेनीताल का पंहुच मार्ग भी है। सामरिक दृष्टि से देखा जाए तो यह मार्ग सेना क्षेत्र जोशीमठ व नीती-मलारी जैसे महत्वपूर्ण स्थानों को जोड़ने के साथ ही चीन बॉर्डर तक भी जाता है।दूसरी तरफ कुमाऊं क्षेत्र के हल्द्वानी,रुद्रपुर,रामनगर जैसे शहरों के साथ ही प्रसिद्ध जिम कॉर्बेट पार्क,पर्यटक स्थल नैनीताल,कैंची धाम व हनुमान धाम को जाने का भी आसान मार्ग है। सड़क के चौड़ीकरण से जहां आए दिन के जाम से मुक्ति मिलेगी,वहीं इस मार्ग पर धार्मिक-पर्यटन की गतिविधियां भी बढेंगी।
वर्तमान में सड़क की दशा ठीक न होने के साथ ही आए दिन जाम लगने से पर्यटक इस रास्ते आने से परहेज करते हैं.राष्ट्रीय राजमार्ग पर मेहलचोरी में रामगंगा नदी पर बने लौह सेतु की दयनीय दशा भी बड़े खतरे का संकेत बनी हुई है।सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होने के कारण भी इसका पुनर्निर्माण आवश्यक है। मेहलचौरी के मोहन सिंह नेगी,सुरेश बिष्ट,मंगल सिंह रावत, सुरेशानंद बडोला का कहना है कि जाड़ों के मौसम में भी आए दिन जाम लगना आम बात हो गई है। जबकि गर्मियों के सीजन में एक तरफ चार धाम यात्रा शुरू हो जाती है,वहीं शादी ब्याह का सीजन होने के चलते जाम सर दर्द बन जाता है।स्थानीय लोगों ने जल्द से जल्द सड़क चौड़ीकरण की मांग की है।
