बर्फवारी और बारिश को वाण के ग्रामीणों ने लाटू देवता से मांगी मन्नत।

बर्फवारी और बारिश को वाण के ग्रामीणों ने लाटू देवता से मांगी मन्नत।

बदरीनाथ समेत हिमालयी पहाड़ियों पर बर्फवारी की दस्तक।

देवाल (चमोली)-17 जनवरी 2026

बिन बारिश के सुखे की मार झेल रहे ग्रामीणों ने लाटू देवता तथा मां नंदा से बारिश की मनौती मांगी। देवाल ब्लॉक के वाण गांव के लोगों ने बारिश के लिए देवी देवताओं से मनौती मांगी। इस दौरान मनौती करते हुए ग्रामीणों ने कहा कि बर्फवारी और बारिश के लिए सभी लोग तरस कर रह गए है। इसलिए आम लोगों की खुशहाली और फसलों को देखते हुए उनकी मन्नत पूरी की जानी चाहिए। इस दौरान ग्रामीणों ने लाटू देवता के मंदिर में पूजा अर्चना कर कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर बारिश और बर्फवारी न हुई तो सभी ग्रामीण लाटू देवता के मंदिर में तपरत करेंगे। इस अवसर पर ग्रामीणों ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण जन जीवन त्रस्त होकर रह गया है। बर्फवारी और बारिश न होने के चलते लोगों का जीवन बदहाल हो गया है। उन्होंने कहा कि हे ईष्ट देव तत्काल उनकी मनौती पूर्ण करें। इस दौरान वाण गांव के लाटू देवता के पुजारी खेम सिंह नेगी, प्रधान नदुली देवी, बीडीसी मेंबर हेमा देवी, नंदा राजजात पडाव के अध्यक्ष हीरा सिंह गढ़वाली, धामती देवी, हीरा सिंह पहाड़ी, चंद्र सिंह, प्रताप सिंह, भरत सिंह, अवतार सिंह, देवेंद्र सिंह, हीरा सिंह बुग्याली, खिलाफ सिंह, रघुवीर सिंह आदि ग्रामीण मौजूद रहे।

बदरीनाथ समेत हिमालयी पहाड़ियों पर बर्फवारी की दस्तक⤵️

आखिरकार एक लंबे अर्से के बाद मौसम ने रंग बदल दिया है। इसके चलते उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हिमपात ने दस्तक दे दी है।दरअसल बरसात के बाद लोग बर्फवारी और बारिश तरसने लगे थे। शनिवार को मौसम ने करवट बदली तो बदरीनाथ समेत उच्च हिमालयी क्षेत्रों की पहाडियों पर हिमपात ने दस्तक दे दी है। इसके चलते नीती घाटी वाले क्षेत्रों में ठंड ने जोर पकड़ना शुरू कर दिया है। अभी तक बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी, रूपकुंड आदि पहाड़ियों पर हल्की बर्फवारी की सूचना है। मौसम के बदले मिजाज के चलते माना जा रहा है कि निचले इलाकों में भी बारिश और बर्फवारी का दौर चलेगा। बारिश न होने के कारण फसलों पर ग्रहण सा लग गया है। हालांकि अन्य फसलों के लिए अब बारिश कोई मुफीद तो साबित नहीं होगी किंतु सरसौं की फसल के लिए बारिश को मुफीद माना जा रहा है। इससे लोगों को सर्द हवाओं से छुटकारा मिलेगा। वैसे भी अक्टूबर माह से वर्षा न होने से तीन माह से लोग बारिश और बर्फवारी का इंतजार कर रहे हैं। अब मौसम के बदले मिजाज के बीच भविष्य को लेकर अच्छे संकेत मिलते दिखाई दे रहे हैं।

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