पिथौरागढ़ जिले में सितंबर माह में लापता हुई थी महिला,महिला की हुई थी हत्या,हत्यारोपी निकला प्रेमी।
बेरीनाग (पिथौरागढ़)-12 दिसम्बर 2025
पिथौरागढ़ जिले के बेरीनाग तहसील क्षेत्र के राजस्व क्षेत्र कालासिला से सितंबर को लापता हुई महिला सुनीता देवी की गुत्थी सुलझ गई है। दरअसल, सुनीता देवी की हत्या कर उसके शव को नदी में फेंक दिया गया था। ये कृत्य को उसके प्रेमी ने अपने पिता,चाचा और ताऊ से मिलकर अंजाम दिया था। पुलिस ने प्रेमी समेत चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया है।
दरअसल, तीन माह पूर्व 16 सितंबर बहादुर राम निवासी दडमेत कमदीना ने अपनी बहू सुनीता देवी की गुमशुदगी दर्ज कराई थी।पटवारी क्षेत्र कालसिला में धारा 140 (3) बीएनएस बनाम अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। 16 अक्टूबर को मामले की जांच रेगुलर पुलिस को ट्रांसफर की गई। रेगुलर पुलिस की जांच में सामने आया कि गुमशुदा सुनीता देवी का विजय प्रसाद निवासी ग्राम किसमिला थाना कपकोट जिला बागेश्वर ने शादी करने के बहाने अपहरण किया था। इससे पहले भी आरोपी विजय, सुनीता देवी को बहला-फुसलाकर अपने साथ घुमाने ले गया था, इसी बीच विजय, सुनीता देवी को अपने घर भी ले गया था।
पुलिस के मुताबिक, सुनीता देवी बार-बार प्रेमी विजय से मिलने चली जाती थी। कई बार सुनीता, विजय के घर भी पहुंची। पुलिस ने जब विजय और उनके परिजनों से पूछताछ की तो सामने आया कि उन्होंने ही गुमशुदा सुनीता देवी को अपने पिता, चाचा और ताऊ की मदद से रामगंगा नदी में फेंककर हत्या की वारदात को अंजाम दिया था।
प्रभारी निरीक्षक नरेश कुमार गंगवार के नेतृत्व में पुलिस ने जांच के क्रम में मुकदमे में धारा 87/140(1)/3(5) बीएनएस बढ़ाकर आरोपी को गिरफ्तार किया. आरोपी की निशानदेही पर रामगंगा नदी से गुमशुदा सुनीता देवी का बैग,फोटो, एक स्वेटर और दुपट्टा बरामद किया गया। गुमशुदा महिला का शव अभी तक बरामद नहीं हो पाया है।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम,विजय प्रसाद पुत्र रमेश राम उम्र 22 वर्ष, रमेश राम पुत्र अनीराम उम्र 42 वर्ष, हरीश राम पुत्र करम राम उम्र 43 वर्ष और बलवंत राम उम्र 45 वर्ष है। रिश्ते में विजय के पिता रमेश राम, ताऊ बलवंत राम, चाचा हरीश राम हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया।
