कार की चपेट में आए शिवांश की मौत पर दिखा गम ओर गुस्सा,मौत की सूचना से गांव में मचा कोहराम।
मामले में पुलिस विभाग से शीघ्र गिरफ्तारी करने की मांग व अस्पताल प्रबंधन पर लगा लापरवाही का आरोप,ग्रामीणों का दिखा आक्रोश।
गुस्साए लोगों ने गैरसैंण कोतवाली घेरकर कठोर कार्रवाई की करी मांग।
गैरसैंण-16 फरवरी 2026
विकासखंड गैरसैंण के अंतर्गत रविवार शिवरात्रि के दिन फरसों गांव में कार की चपेट में आकर घायल हुए 7 वर्षीय बालक शिवांश पुत्र देवेन्द्र सिंह नेगी की हायर सेंटर रेफर किए जाने के बाद रास्ते में ही मौत हो गयी। जिसके बाद एक तरफ बच्चे की मौत का गम तो दूसरी तरफ बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।गुसाये ग्रामीणों ने मामले में अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाह रवैया का आरोप लगाया व पुलिस विभाग से आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी व मुकदमा दर्ज करने की मांग की,जिससे गुस्साए ग्रामीणों ने कोतवाली गैरसैंण का घेराव कर आरोपी वाहन चालक महिला के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की,वहीं मामले में पुलिस और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के रवैये पर भी जमकर आक्रोश व्यक्त किया गया।
जिला उपचिकित्सालय कर्णप्रयाग से पोस्टमार्टम के बाद बच्चे का शव घर लाने के दौरान ग्रामीण भारी संख्या में गैरसैंण कोतवाली पहुंच गए,जहां पुलिस द्वारा अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने के साथ ही दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल बालक को रैफर कर एंबुलेंस चालक के भरोसे ही भेजे जाने पर भारी नाराजगी दिखाते हुए ग्रामीणों ने लापरवाह लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। इस दौरान गुस्साए लोगों ने पुलिस पर मिली भगत के आरोप लगाते हुए मामले में भारी लापरवाही बरतने का आरोप भी लगाया।
मामले में पुलिस ने परिजनों से सूचना पत्र लेकर वेगन आर चला रही चालक रिचा बिष्ट निवासी गैरसैंण के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने पर हुई मौत को लेकर बीएनएस की धारा 125 व 106 के तहत तत्काल मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई शुरू की,वहीं घटना के दिन कब्जे में लिए गए,वाहन संख्या यूके 11-7088 को भी सीज करने की कार्रवाई अमल में लाई गई।
उल्लेखनीय है कि रविवार को शिवरात्रि के दिन 7 वर्षीय शिवांश अपनी मां निर्मला देवी,छोटी बहन व अन्य ग्रामीणों के साथ धुनारघाट शिवालय मंदिर दर्शनों को गए थे,जहां से वापसी के बाद घर के सामने ही सड़क पार करने के दौरान मेहलचोरी से गैरसैंण की तरफ आ रही वेगन आर की चपेट में आ गया,जिससे शिवांश कुछ दूरी तक टायर के साथ घसीटता चला गया। जिससे उसके सर में गंभीर फ्रैक्चर आ गये,घटना के बाद ग्रामीणों ने प्राइवेट वाहन से बालक को तत्काल गैरसैंण अस्पताल पहुंचाया,जहां डाक्टरों ने शिवांश की नाजुक हालत को देखते हुए श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया,इस दौरान 108 एंबुलेंस के अन्यत्र होने से एक घंटे बाद पहुचने की बात बतायी गयी, जिसके चलते गंभीर रूप से घायल बच्चे को अस्पताल की एंबुलेंस में बगैर किसी सहायक और फार्मासिस्ट के ही आगे भेज दिया गया। रास्ते में ही एंबुलेंस चालक द्वारा बच्चे के दम तोडने की सूचना अस्पताल को दी गयी थी। इस दौरान रास्ते में पड़ने वाले मालसी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर भी उपचार नहीं मिल पाया।
✅घटना को लेकर जनप्रतिनिधियों का आक्रोश⤵️
कर्णप्रयाग तक के 50 किलोमीटर लंबे सफर में गंभीर रूप से घायल बालक को एंबुलेंस चालक के भरोसे ही भेजे जाने को लेकर ग्राम प्रधान अमित रावत व अन्य ने इसे गंभीर बताते हुए सख़्त कार्रवाई की मांग की है। जिला पंचायत सदस्य सुरेश बिष्ट,नगर पंचायत अध्यक्ष मोहन भंडारी,जीतेन्द्र नेगी,अवतार सिंह आदी ने कहा की पहले ही गैरसैंण की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं मरणासन्न हाल में हैं,उस पर ऐसी लापरवाहियां जिंदगीयों से खिलवाड साबित हो रही हैं ।
✅मामले को लेकर पुलिस व स्वास्थय विभाग के अधिकारी क्या बोले⤵️
मामले को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गैरसैंण के चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अर्जुन रावत ने बताया कि 108 के अन्यत्र होने से बालक की गंभीर हालत को देखते हुए विभागीय एंबुलेंस में भेजना पड़ा,जिसमें विभागीय स्तर से फार्मासिस्ट जैसी अन्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं करवाई गई हैं। मामले को लेकर सीएमओ चमोली अभिषेक गुप्ता ने कहा की इस तरह के गंभीर मामलों में अस्पताल स्टाफ को आवश्यक रूप से साथ जाने के लिए आदेश जारी कर किए गए हैं।रविवार को कुछ फार्मासिस्टों के मातृत्व अवकाश के चलते व अस्पताल में एक अन्य डिलीवरी वाली महिला के भर्ती होने के कारण एक फार्मासिस्ट को अस्पताल में रोका गया था.जिसके कारण कोई स्टाफ साथ में नहीं भेजा जा सका।
वही मामले में पंजीकृत मुकदमे के विवेचना अधिकारी चौकी प्रभारी मेहलचोरी बिशनलाल ने बताया कि परिजनों द्वारा पहली सूचना में अज्ञात का नाम लिखा गया था,दोबारा से दी गयी सूचना के अनुसार अब नामजद रिपोर्ट दर्ज कर ली गयी है,वहीं लापरवाही से वाहन चलाने के साथ ही मौत का मामला भी जोडा गया है,जिसकी विवेचना के बाद मामला न्यायालय में भेजा जाएगा।
✅बच्चे की मौत पर घर में कोहराम⤵️
कार से हुई दुर्घटना में घायल शिवांश के मौत की खबर सुनकर गांव में कौहराम मच गया,बडी संख्या में घायल शिवांश की खैरियत जानने पंहुचे ग्रामीणों को जब मौत की सूचना मिली तो सब सन्न रह गये। शिवरात्री के मौके पर मां के साथ मंदिर गये शिवांश के साथ ऐसी अनहोनी की किसी ने सोची भी न थी। घर पर पंहुची महिलाएं किसी तरह शिवांश की मां निर्मला,पिता देवेन्द्र व दादी को इस दुख की घडी में ढांढस बंधा रहे थे। बेटे के गम में बेहोशी की हालत में मां बार-बार शिवांश को पुकार कर जल्द वापस आने की बात कह रही थी।जिसे सुनकर घर पर आए ग्रामीणों की आंखें भर आयी। भरे मन से शिवांश के अंतिम संस्कार में शामिल ग्रामीणों ने मृत आत्मा की शांती की प्रार्थना के साथ श्रदांजलि अर्पित की। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामवासी व क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
