World snow day के अवसर पर विंटर डेस्टिनेशन औली में पसरा सन्नाटा।
जोतिर्मठ (चमोली)- 18 जनवरी 2026
शीतकालीन पर्यटन स्थली औली में आज वर्ल्ड स्नो डे मनाने पहुंचे पर्यटको और स्थानीय स्कूली बच्चों को बर्फबारी नहीं मिलने के कारण काफी मायूसी हाथ लगी है.विंटर डेस्टिनेशन औली में स्नो मेकिंग सिस्टम को बर्फ बनाने हेतु चलाने ओर आईस स्केटिंग रिंक को सुचारु करने की दो सूत्रीय मांगों को लेकर औली बचाओ मुहिम चला रहे स्थानीय पर्यटन हित धारकों ओर कारोबारियों का धरना प्रदर्शन चौथे दिन भी जारी है. इस दौरान मथुरा बृंदावन सहित स्थानीय युवाओं और बर्फानी खेलों के शौकीनों ने वर्ल्ड स्नो डे के अवसर पर औली धरना स्थल पर पहुंच कर औली बचाओ मुहिम में अपना समर्थन दिया ओर प्रदेश सरकार से जल्द दोनों पर्यटन आकर्षणों को जल्द शुरू कराने की गुहार लगाई है.
दरअसल इंटरनेशलन स्की फेडरेशन द्वारा देश दुनिया के उन सभी देशों में जहां बर्फ गिरती है वहां पर खासकर छोटे बच्चों और उनके अभिभावकों को बर्फ ओर बर्फानी खेलों के प्रति जागरूक करने के उद्वेश्य को लेकर प्रति वर्ष जनवरी माह के तीसरे सप्ताह के रविवार को ये एनुअल स्नो फेस्टिवल मनाया जाता है,FIS द्वारा ही विंटर डेस्टिनेशन औली को प्राथमिकता देते हुए पहला विश्व हिम दिवस 2012 की मेजबानी दी थी लेकिन आज वर्ल्ड स्नो डे का 14वां संस्करण मनाया जा रहा है.लेकिन विंटर डेस्टिनेशन औली की दशा और दिशा जस की तश बनी हुई है. यहां न तो आर्टिफिशियल स्नो मेकिंग सिस्टम काम कर रहा है और नहीं आइस स्केटिंग रिंक सुचारु हुई है. बर्फबारी नहीं होने से पूरे नन्दा देवी स्कीइंग स्लोप पर धूल मिट्टी और गोबर के ढेर नजर आ रहे हैं. लिहाजा आज जोशीमठ नगर क्षेत्र से औली विश्व हिम दिवस सेलिब्रेशन के लिए पहुंचे विद्यालई बच्चों को भी यहां निराशा हाथ लगी है. आज इस विश्व हिम दिवस के अवसर पर औली में जहां नजर दौड़ाओ धूल भरी आंधी के सिवा कुछ नजर नहीं आ रहा है.
✅विंटर डेस्टिनेशन औली बचाओ मुहिम,धरना प्रदर्शन जारी-⤵️
शीतकालीन पर्यटन स्थली और उत्तराखंड के विंटर स्पोर्ट्स स्नो स्कीइंग की राजधानी औली में इन दिनों “औली बचाओ मुहिम” के तहत स्थानीय पर्यटन हित धारकों और औली लगा ज्योर्तिमठ छेत्र के पर्यटन कारोबारियों का धरना प्रदर्शन चल रहा है, जो जबदरस्त ठंड ओर ठिठुरन के बीच आज चोंथे दिन में प्रवेश कर गया है,स्थानीय पर्यटन कारोबारियों का कहना है कि अल्टीमेट का समय पूरा हो गया है, ऐसे में आज से आंदोलन को नया रूप देने हेतु और नई रणनीति के तहत व्यापार मंडल, टैक्सी यूनियन सहित चेयर लिफ्ट प्रबंधन से भी बात की जायेगी, औली के स्थानीय पर्यटन कारोबारी विवेक पंवार, अंशुमन बिष्ट, महेंद्र भुजवान, जयदीप भट्ट, पवन सिंह, नंदन सिंह मार्तोलिया आदि ने बताया कि शासन स्तर से कोई सकारात्मक हल मांगों के सापेक्ष नहीं आने पर आगे की रणनीति के तहत अनशन पर बैठने को भी तैयार है. लेकिन हम औली बचाओ मुहिम के तहत स्नो मेकिंग सिस्टम दुरस्त हो ओर आईस स्केटिंग रिंक सुचारु होने की इन दो मांगों पर अडिग है और रहेंगे,दरअसल विंटर डेस्टिनेशन औली की मेजबानी में 15 वर्ष पूर्व दक्षिण एशियाई शीतकालीन खेलो के दौरान यूरोप से आयातित करोड़ों की लागत की आर्टिफिशियल स्नो मेकिंग मशीनों से कृत्रिम बर्फ बनाने की माँग और औली के समीप 2019 में तत्कालीन पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज द्वारा उद्घाटन किए जाने के बाद से आज तक बदहाल पड़े ओपन आईस स्केटिंग रिंक को जल्द सुचारु करने की दो सूत्रीय मांगों को लेकर ये स्थानीय पर्यटन हित धारक ठंड ओर हाड़ कंपा देने वाली रात में माइनस 9 डिग्री से नीचे के तापमान में टेंट गाड़ कर औली की अंतराष्ट्रीय नन्दा देवी स्कीइंग स्लोप के समीप पिछले तीन दिनों से धरना प्रदर्शन पर बैठे हुए हैं. औली में बदहाल हालत में पहुंचे आइस स्केटिंग रिंक को अधूरे कार्य के बाद भी उद्घाटन करवाने में जिम्मेदार के खिलाफ जांच की मांग और औली आर्टिफिशल स्नो मेकिंग सिस्टम में अब तक हुए खर्चे के बजट और इस सिस्टम के खरीद फरोख्त सहित इसके मेंटनेंस के नाम पर हुई बजट की बरबादी की जांच की मांग भी सरकार से की गई है. इस दौरान औली पहुंच कर ब्लॉक् प्रमुख ज्योतिर्मठ अनूप नेगी ओर नगर परिषद ज्योर्तिमठ चेयरमैन देवेश्वरी शाह और व्यापार मंडल अध्यक्ष नैन सिंह भंडारी ने भी स्थानीय पर्यटन हित धारकों को अपना समर्थन दिया ओर कहा कि विधायक बद्रीनाथ लखपत बुटोला ने भी अपना पूरा समर्थन जताते हुए कहा है कि वो इस मामले को प्रमुखता के साथ शासन के सम्मुख रखेंगे।
