कड़कड़ाती ठंड से लावारिश बैल को बचाने को बोरे लपेटकर किया जुगाड,सप्ताह भर बाद भी पुलिस नहीं पंहुच पायी मालिक तक।

कड़कड़ाती ठंड से लावारिश बैल को बचाने को बोरे लपेटकर किया जुगाड,सप्ताह भर बाद भी पुलिस नहीं पंहुच पायी मालिक तक।

मेहलचौरी (गैरसैंण)-18 दिसम्बर 2025
रिपोर्ट- प्रेम संगेला.

उत्तराखंड में आजकल जानवरों को लेकर अलग-अलग तरह की घटनाएं देखने को मिल रही हैं।एक तरफ जहां जंगली जानवरों में शामिल भालू ओर तेंदुओं के जानलेवा हमलों ने आमजन को परेशान करके रखा हुआ है.वहीं कुछ काश्तकारों द्वारा दूध न देने वाले या बुढ्ढे हो चुके गोवंश को कड़कड़ाती ठंड के मौसम में लावारिस छोड दिया गया है,आमजन द्वारा इनकी चिंता करते हुए कुछ भावुक तस्वीरें भी दिखाई देती हैं।

ऐसा ही एक वाक्या आजकल मेहलचौरी में भी देखने को मिला है,जहां पिछले पखवाड़े भर से छोड़ गये बैल ने कड़ाके की ठंड के बाबजूद नागाचूला तिराहे की सड़क किनारे ही अपना बसेरा बनाया हुआ है,जिसको ठंड में ठिठुरता देख मेहलचौरी के कुछ युवा दुकानदारों ने बैल को बोरियां व जलरोधी कपडा लपेटकर ठंड से बचने का जुगाड़ कर लिया.जबकि ऐसी ही लावारिश हालत मे छोडी गई एक गाय को कुछ दिनों पूर्व गौरी गोविंद गौशाला कल्याण के संचालक सुरेंद्र रावत( सूर्या भाई )अपनी गौशाला ले गए थे।

15 दिनों से मेहलचौरी सडक किनारे रह रहे,इस बैल के कान पर लगे टैग को पशुपालन विभाग द्वारा चिन्हित किए जाने के बाद यह जनपद अल्मोड़ा के कलियालिंगुडा गांव निवासी तारुली देवी का होने का पता चला है।जिसमें उल्लेखित मोबाइल नंबर पर जब फोन मिलाया तो वह पशुपालन विभाग के ब्लाक देघाट जनपद अल्मोड़ा से स्थानांतरित डॉक्टर का निकला.इसके बाद उत्तराखंड अपडेट की टीम द्वारा कलियालिंगुडा के प्रधान का नंबर पुलिस चौकी मेहलचौरी को 3 दिनों पूर्व ही दे दिया गया था,लेकिन अब तक पुलिस बैल के मालिक तक नहीं पहुंच पाई है। वहीं बैल को कड़कड़ाती ठंड से बचाने को स्थानीय दुकानदारों में शामिल दीपक नेगी व बुद्धिबल्लभ गैरोला ने बोरों को डोरियों के सहारे बैल के शरीर पर बांधकर फिलहाल ठंड से कुछ राहत दिलाने का इंतजाम कर लिया है।जिसको लेकर व्यापारीयों ने उनके नेक कार्य की सराहना की है।वहीं व्यापारीयों ने छोडे जा रहे गोवंश के मामलों में कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाने की मांग की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!