भालू ओर गुलदार की सक्रियता से परेशान ग्रामीण,बर्तन कनस्तर बजाकर बचा रहे जान।
मेहलचौरी (गैरसैंण)-24 दिसम्बर 2025
रिपोर्ट- प्रेम संगेला
विकासखंड गैरसैंण के अंतर्गत विभिन्न गांवों में आजकल गुलदार और भालू के आतंक से ग्रामीण परेशान हैं।गुलदार और भालू के आतंक से परेशान ग्रामीण रातभर जागकर बर्तन ओर कनस्तर बजाकर हिंसक हो चुके जंगली जानवरों से किसी तरह अपनी और अपने मवेशियों की जान बचा रहे हैं।मेहलचौरी बाजार के नजदीकी गांवों में पिछले तीन दिनों से भालू अपने दो बच्चों के साथ लगातार घूमता दिखाई दे रहा है, जिससे ग्रामीणों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।दो दिन पूर्व भालू अपने दो बच्चों के साथ पाटली व रंगचौणा गांव में दिखाई दिया तो, जिसके बाद अगले दिन सिलंगा के ग्रामीणों ने भालू को गांव की तरफ आता देख पूरी रात भर बर्तन और कनस्तर बजाकर भगाने का प्रयास किया।जिसके बाद भालू बुधवार को सुबह मेहलचौरी बाजार से होते हुए माईथान सडक पर सरोवर गांव की तरफ जाते हुए दिखाई दिया।वहीं दूसरी तरफ गुलदार के लगातार मवेशियों को निवाला बनाने की घटनाओं से ग्रामीणों में डर का माहौल बना हुआ है।मेहलचौरी बाजार से 6 किलोमीटर दूर लखेडी गांव में गूलदार ने गौशाले का दरवाजा तोड़कर एक गाय को मार डाला।वहीं यहां से 6 किलोमीटर दूर सीमावर्ती जनपद अल्मोड़ा के पुरानालोहवा व परसारागांव में भी अलग-अलग रात्रियों में गूलदार परसारा गौशाला का दरवाजा तोड़कर गाय ओर बछडे को निवाला बना डाला।मेहलचौरी बाजार सहित नजदीकी गांवों में ही 2 दर्जन से ज्यादा पालतू कुत्तों को गूलदार अपना निवाला बना चुका है।गुलदार और भालू की बढ़ती सक्रियता और हमलों से ग्रामीणों में भय व्याप्त है।
✅अग्निवीर भर्ती की शारीरिक परीक्षा की तैयारी हो रही प्रभावित⤵️
इस बीच 14 जनवरी को होने वाली अग्निवीर भर्ती की तैयारी कर रहे युवा भी अब सड़कों पर दौड़ लगाते हुए कम ही दिखाई दे रहे हैं ।लगातार भालू, गुलदार दिखाई देने से अग्निवीर की भर्ती तैयारी कर रहे युवाओं की शारीरिक तैयारी पर भी विपरीत असर पड़ रहा है।
✅स्कूली बच्चों को लेकर चिंतित अभिभावक⤵️
स्कूल जाने वाले बच्चों को लेकर भी ग्रामीणों में चिंता व्याप्त है स्कूलों का समय बदलने के बावजूद भालू के पूरे दिन भर की सक्रियता ग्रामीणों के लिए तनाव का कारण बनी हुई है।इससे अधिकांश अभिभावक खेती-बाड़ी के कार्य छोडकर बच्चों को स्कूल छोडने ओर लेने जाना पड रहा है।
✅विभाग चेतावनी ओर नसीहत देने तक सीमित⤵️
जिला पंचायत सदस्य कोठा सुरेश बिष्ट ने विभागीय अधिकारियों को सूचना देकर क्षेत्र में नियमित गस्त करने की मांग की है।ईधर विभाग हिंसक हो रहे जंगली जानवरों की सक्रियता को लेकर केवल चेतावनी व नसीहत देता ही नजर आ रहा है।जबकि धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई होती नहीं दिखाई दे रही है।
✅ग्रामीणों कहते हैं तराई क्षेत्रों से लाकर छोडे गये हैं ये जानवर,जनप्रतिनिधियों की जांच की मांग⤵️
इस साल जंगली जानवरों में शामिल भालू ओर गूलदार की अति सक्रियता और हिंसक प्रवृत्ति को लेकर तमाम अटकलें लगाई जा रही हैं ,ग्रामीणों का मानना है कि भालू और गुलदार चिड़ियाघरों या अन्य तराई क्षेत्रों से लाकर पहाड़ों में छोड़ दिए गए हैं।वर्तमान में सक्रिय भालुओं की शारीरिक बनावट में भी काफी अंतर देखा जा रहा है,जहां पहाड़ी भालु आकार में बडे होते हैं,जबकि क्षेत्र में आजकल सक्रिय भालू का आकार कुछ छोटा है।वहीं कड़ाके की ठंड के मौसम में पूरे दिन उनकी सक्रियता भी शंका पैदा करती है,जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है की इन्हें अन्यत्र से लाकर पहाड़ों में छोड़ा गया है।जिसको लेकर प्रधान रंगचौणा मनोज नेगी,सिलंगा की प्रधान दीपा देवी,क्षेत्र पंचायत सदस्य सिलंगा वीरेंद्र नेगी, लखेडी की प्रधान सरिता देवी ज्येष्ठ प्रमुख लीलाधर जोशी आदी ने मामले की जांच किए जगने की मांग की है।
