आपदा प्रभावितों की विभिन्न मांगे एक सप्ताह में पूरी नहीं होने पर जन आंदोलन की चेतावनी।
थराली (चमोली)- 22 दिसंबर 2025
नगर पंचायत थराली की अध्यक्ष सुनीता रावत के नेतृत्व में थराली आपदा प्रभावितों ने विभिन्न सूत्रीय मांगों को लेकर उपजिलाधिकारी थराली पंकज भट्ट को ज्ञापन दिया।नगर पंचायत अध्यक्ष थराली द्वारा ज्ञापन में कहना हैं कि 22 अगस्त 2025 की रात आई भीषण प्राकृतिक आपदा के कारण नगर क्षेत्र में भारी जनधन की हानि हुई, जिसमें व्यक्तिगत संपत्तियों में कई आवासीय भवन, किरायेदारों व दुकानदारों का सामान, दुकानें,वाहन क्षतिग्रस्त हो गए थे, साथ ही विभागीय संपत्तियों में सार्वजनिक शौचालय, सार्वजनिक मार्ग, नालियां, वाहन पार्किंग, नगर पंचायत भवन एवं सुरक्षा दीवारें,सोलर/स्ट्रीट लाइटें आदि क्षतिग्रस्त हुई है, आपदा के चार माह बीतने के बाद भी पुनर्निर्माण संबंधी कोई भी कार्य आज तक भी प्रारंभ नहीं हो पाया है।
ज्ञापन में नगर पंचायत अध्यक्ष का कहना हैं कि आपदा के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थराली की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला पंचायत भवन थराली में स्थानांतरित किया गया था, जिसे वर्तमान तक अस्थायी रूप से संचालित किया जा रहा है, उक्त भवन पर उचित स्वास्थ्य व्यवस्था एवं परीक्षण हेतु उपकरण आदि न होने के कारण विकासखंड थराली एवं विकासखंड देवाल के ग्रामीण क्षेत्र के समस्त क्षेत्रवासियों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अन्यत्र स्थान पर जाना पड़ रहा है, अतः क्षेत्रवासियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का संचालन पूर्व की भांति सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थराली के मूल भवन पर किया जाए। कहा कि आपदा के पश्चात नगर क्षेत्र में पुनर्निर्माण से संबंधित कोई भी कार्य नहीं किया गया इसलिए आपदा प्रभावित क्षेत्र में पुनर्निर्माण एवं पुनर्निवास से संबंधित कार्य अति शीघ्र किया जाए, साथ ही आपदा के कारण प्रभावित सभी प्रभावितों को ज्योर्तिमठ में आई प्राकृतिक आपदा, भू-धंसाव की तर्ज पर विस्थापित किया जाए, आपदा से प्रभावित सभी प्रभावितों को क्षति/नुकसान के आधार पर उचित आर्थिक सहायता प्रदान की जाए, साथ ही आपदा से प्रभावित व्यापारियों को दुकानों एवं आवासों में हुई क्षति हेतु उचित आर्थिक सहायता प्रदान की जाए, साथ ही आपदा प्रभावित क्षेत्र नगर पंचायत थराली हेतु विशेष आर्थिक पैकेज प्रदान किया जाए।
साथ ही यह मांग भी की है कि संभावित आपदा को देखते हुए पिंडर नदी में प्राणमति गधेरा, घांघली गधेरा, सिपाही गधेरा एवं सुनगाड़ गधेरे से आए मलवा, मुख्य बाजार के समीप मलबे का निस्तारण एवं सुरक्षात्मक कार्य किया जाए। इसके साथ ही यह मांग भी है कि 22 अगस्त की रात तहसील परिसर के समीप गधेरे में आए मलवे से उपजिलाधिकारी कार्यालय एवं समीप के आवासों में मलवा आदि भर गया था,जिसके पश्चात उपजिलाधिकारी महोदय उक्त आवास में नहीं रह रहे हैं, जबकि समीपवर्ती आपदा प्रभावित लोग अपने-अपने आवासों में रह रहे हैं, अतः सुरक्षा की दृष्टि से उक्त स्थान यदि सुरक्षित नहीं है तो वहां पर निवासरत आपदा प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जाए या फिर अन्य आपदा प्रभावितों की भांति उपजिलाधिकारी महोदय अपने आवास में रहे। मांग की है कि थराली- कुराड़ -पार्था मोटरमार्ग से राड़ीबगड़ तोक में हुई क्षति हेतु सुरक्षात्मक कार्य किए जाएं, साथ ही यह मांग भी है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थराली के समीप, थराली मुख्य बाजार के ऊपर हो रहे भूस्खलन पर जल भराव, भूस्खलन रोकने हेतु सुरक्षात्मक कार्य किए जाएं, आगामी नंदा देवी राजजात यात्रा 2026 को मद्देनजर रखते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए, नगर क्षेत्र के अंतर्गत आपदा से क्षतिग्रस्त यात्रा मार्गों, पुलिया, पथ प्रकाश लाइटें,शौचालय एवं सौंदर्यीकरण आदि का निर्माण कार्य किया जाए। इसके साथ-साथ उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर इन मांगों के संबंध में उचित कार्यवाही नहीं होती है, तो समस्त क्षेत्रवासियों, जनप्रतिनिधियों, व्यापार मंडल, समाजसेवियों द्वारा तहसील परिसर में क्रमिक आंदोलन किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन प्रशासन व सरकार की होगी।
ज्ञापन में कनिष्ठ उप प्रमुख राजेश चौहान, सभासद वार्ड नंबर 3 दिवाकर सिंह नेगी, सभासद वार्ड नंबर 4 मोहन पंत, सभासद वार्ड नंबर 1 मोहनी देवी, कुंवर सिंह रावत, महेश उनियाल, प्रेमचंद्र, मोहन प्रसाद, राकेश गुंसाई, कुंदन सिंह रावत, मोहन बहुगुणा, सुरपाल सिंह रावत, जगदीश पंत, जयसिंह बिष्ट, प्रकाश चंदोला, हर्षवर्धन सिंह, सुनीता देवी, आरती पंत, प्रीति देवी, शकुंतला देवी, सोनाली देवी, भागुली देवी, अंजू देवी, धनुली देवी, सुशीला देवी, अनीता देवी, प्रेम बुटोला, वीरेंद्र सिंह, प्रेम कुमार, जयसिंह नेगी सहित 40 अन्य लोगों के हस्ताक्षर हैं।
