बर्फबारी बिन विंटर डेस्टिनेशन औली बनी सूखा डेजर्ट।
औली (चमोली)-21 दिसम्बर 2025
हिमालई क्षेत्रों में क्लाइमेट चेंज के चलते बर्फबारी के पैटर्न में आये बदलाव का असर उत्तराखंड की विंटर डेस्टिनेशन औली में साफ नजर आ रहा है, बिना बारिश और बर्फबारी के चलते हिम क्रीड़ा स्थली औली सहित गोरसों बुग्याल पूरी तरह सूखा नजर आ रहा है,हालांकि आज एक बार फिर से छेत्र में पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता देखी जा रही है।
आसमान में बादलों की चहक कदमी से उच्च हिमालई क्षेत्रों में कही कही अगले 48 घंटों में हल्की बर्फबारी की उम्मीद जताई जा रही है,बावजूद इसके औली से गोरसों तक के पैदल रूट पर फिलहाल बुग्यालों में जबरदस्त धूल मिट्टी के गुबार उड़ते नजर आ रहे हैं,जिससे हॉर्स राइडिंग का लुत्फ उठाने वाले पर्यटकों और पैदल डे हाइकिंग करने वाले पर्यटकों को खासी दिक्कतों के सामना करना पड़ रहा है,पूरा शीतकालीन पर्यटन स्थल औली इन दिनों सूखा डेजर्ट नजर आ रहा है।
यही हाल नन्दा देवी इंटर नेशनल स्की स्लोप का भी है जिसमें न तो कृत्रिम बर्फ बन सकी है और न ही प्राकृतिक बर्फबारी हुई है,पूरा 1.3 किमी० का इंटर नेशनल दक्षिण मुखी स्की स्लोप इन दिनों सहारा मरुस्थल की तरह नजर आ रहा है,जनवरी 2026 के तीसरे सप्ताह में औली की मेजबानी में राष्ट्रीय शीतकालीन खेलों का आयोजन होना है, औली की ढलानों पार डेढ़ दशक पूर्व लगाए गए विदेशी आर्टिफिशियल स्नो मेकिंग सिस्टम पर जंग लगने के कारण अब ये बर्फानी खेल एक बार फिर से पूरी तरह प्राकृतिक बर्फबारी पर निर्भर हो गए हैं, हालांकि छेत्र के पर्यटन कारोबारियों सहित शीतकालीन खेलो के आयोजकों को अभी भी उम्मीद है कि जनवरी माह की शुरुआत में ही सही बर्फबारी होगी और विंटर डेस्टिनेशन औली बर्फबारी के बाद फिर से गुलज़ार हो सकेगी।
