चमोली में स्कूल जा रहे 15 छात्रों के सामने आया भालू,दहशत में घर लौटे बच्चे।
चमोली:-07 सितंबर 2026
उत्तराखंड के चमोली जिले के पोखरी विकासखंड में सोमवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब स्कूल जाने के रास्ते में 15 छात्र-छात्राओं का सामना अचानक भालू से हो गया। ढोगड़म तोक के पास भालू अपने बच्चों के साथ नजर आया। जंगली जानवर को सामने देखकर बच्चे घबरा गए और शोर मचाते हुए वापस गांव की ओर दौड़ पड़े। राहत की बात यह रही कि इस दौरान किसी भी छात्र को नुकसान नहीं पहुंचा।
जानकारी के मुताबिक नेल गांव के छात्र-छात्राएं रोज की तरह सोमवार सुबह करीब 7:30 बजे नौली-गोदली सड़क के रास्ते राजकीय इंटर कॉलेज गोदली के लिए निकले थे। रास्ते में ढोगड़म तोक के समीप उनकी नजर भालू पर पड़ी। भालू के साथ उसके बच्चे भी मौजूद थे। अचानक सामने आए भालू को देखकर छात्रों में अफरा-तफरी मच गई। बच्चों ने शोर मचाया और बिना आगे बढ़े सुरक्षित तरीके से वापस अपने घरों की ओर लौट गए। इस दौरान अरमान, साहिल, अजय, अरुष, प्रियांशु, अकोल, मोहित, अरदीप, मीनाक्षी, नेहा, अरुशी, मुस्कान, अमीषा, कशिश और प्रिया मौजूद थे।
क्षेत्र में भालू की सक्रियता से ग्रामीण पहले से ही चिंतित हैं। हाल ही में भालू के हमले से बचने के प्रयास में दो महिलाओं के खाई में गिरने से मौत की घटना सामने आ चुकी है। इसके अलावा शनिवार को भालू गांव के भीतर तक पहुंच गया था और मक्के की फसल को भी नुकसान पहुंचाया था। ऐसे में अब स्कूल जाने वाले रास्ते पर बच्चों के सामने भालू दिखाई देने से ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है। अभिभावकों को बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी डर सताने लगा है।
नेल गांव के छात्र अरमान और मीनाक्षी के अनुसार, सोमवार सुबह वे अन्य साथियों के साथ स्कूल जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में भालू और उसके बच्चे दिखाई दिए। अचानक सामने आए वन्यजीव को देखकर सभी बच्चे घबरा गए और वहां से वापस लौट आए।
लगातार भालू की मौजूदगी से परेशान ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में नियमित गश्त बढ़ाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि भालू की सक्रियता के कारण बच्चों को स्कूल भेजने के साथ ही ग्रामीणों के रोजमर्रा के काम भी प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीण चाहते हैं कि स्कूल जाने वाले रास्तों और आबादी वाले इलाकों में विशेष निगरानी रखी जाए, ताकि किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग के डीएफओ रजत सुमन ने बताया कि जिस स्थान पर छात्रों को भालू दिखाई दिया, वहां वन विभाग की टीम को पेट्रोलिंग के लिए भेजा गया है। उन्होंने क्षेत्र के ग्रामीणों और स्कूली बच्चों से सतर्क रहने तथा भालू दिखाई देने पर उसके करीब न जाने की अपील की है। फिलहाल स्कूल जाने वाले मार्ग पर भालू की मौजूदगी के बाद वन विभाग की निगरानी बढ़ा दी गई है। वहीं ग्रामीणों में इस बात को लेकर चिंता बनी हुई है कि आबादी और विद्यालय के आसपास सक्रिय भालू से बच्चों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाए।
