टेंडर प्रक्रिया निरस्त करने की मांग,क्षेत्र पंचायत प्रतिनिधियों ने दिया धरना,अपने पदों से इस्तीफे की दी चेतावनी।

टेंडर प्रक्रिया निरस्त करने की मांग,क्षेत्र पंचायत प्रतिनिधियों ने दिया धरना,अपने पदों से इस्तीफे की दी चेतावनी।

गैरसैंण:-07 सितंबर 2026
रिपोर्ट-पुष्कर सिंह रावत.

क्षेत्र पंचायत के कार्यों में टेंडर प्रक्रिया को समाप्त किये जाने व पूर्व की भांति ही क्षेत्र पंचायत सदस्यों के माध्यम से विकास कार्य करवाए जाने को लेकर आज सोमवार को ब्लॉक कार्यालय गैरसैंण में क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने धरना दिया। क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने बताया कि,पूर्व में उपजिलाधिकारी गैरसैंण व खण्ड विकास अधिकारी सहित ब्लॉक प्रमुख को दिए गए मांग पत्र में 6 सितंबर तक मांगों पर उचित कार्यवाही न होने पर धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी गई थी लेकिन तय समय तक मांगों पर कार्यवाही न होने के कारण आज धरना दिया गया।

इस दौरान पूर्व प्रमुख सुमति बिष्ट ने कहा कि,विकास खंड कार्यालय द्वारा विकास कार्यों में जो टेंडर प्रक्रिया शुरु की गई है उसे तुरंत निरस्त किया जाय, कहा कि खंड विकास अधिकारी,ब्लॉक प्रमुख सहित उपजिलाधिकारी को मांग पत्र दिया गया था,लेकिन अब तक कोई भी कार्यवाही नही हो पाई है,जिस कारण आज मजबूरन धरना देने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है,वहीं, सुमति बिष्ट ने कहा कि यदि इस प्रकार का कोई शासनादेश आया है तो वो सदस्यों को दिया जाना चाहिए,फिर सरकार से लड़ाई लड़ी जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि,खंड विकास कार्यालय द्वारा बार-बार शासनादेश मांगे जाने के बाउजूद क्षेत्र पंचायत सदस्यों को शासनादेश नही दिया जा रहा है। साथ ही कहा कि यदि हमारी मांगे शीघ्र नही मानी गई तो,सभी क्षेत्र पंचायत सदस्यों को आंदोलन करने व अपने पदों से इस्तीफा देने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

क्षेत्र पंचायत सदस्य वीरेंद्र आर्य ने कहा कि,हमारे साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है, विकास खंड कार्यालय द्वारा जो टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है उसे तुरंत बंद किया जाना चाहिए, कहा हम टेंडर प्रक्रिया का विरोध करते हैं,उन्होंने कहा कि, क्षेत्र पंचायत सदस्यों के बजट में भी कटौती की जा रही है इस भेदभाव को बिल्कुल भी बर्दाश्त नही किया जाएगा.उन्होंने मांग की है कि,टेंडर प्रक्रिया को समाप्त कर पूर्व की भांति ही क्षेत्र पंचायत सदस्यों के माध्यम से विकास कार्य करवाएं जाय.मांगे न माने जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी।

वहीं,क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने कहा कि चमोली जनपद के अन्य विकासखंडों में वर्क ऑर्डर (मस्टरोल) पर कार्य किये जा रहे हैं। गैरसैंण क्षेत्र पंचायतों के साथ ही इस प्रकार का भेदभाव क्यों किया जा रहा है। इस दौरान मौजूद पंचायत सदस्यों ने आरोप लगाया कि,बार-बार वित्तीय रोस्टर मांगे जाने के बाउजूद वित्तिय रोस्टर नही दिखाया जा रहा है,जो कि गंभीर सवाल खड़े करता है।

इस दौरान पूर्व प्रमुख व क्षेत्र पंचायत सदस्य मालकोट सुमति बिष्ट,क्षेत्र पंचायत सदस्य पांचाली वीरेंद्र आर्य,क्षेत्र पंचायत सदस्य शिल्पाटा मुन्नी नेगी,क्षेत्र पंचायत सदस्य मैखोली मीना देवी,क्षेत्र पंचायत सदस्य रोहिड़ा कलावती,क्षेत्र पंचायत सदस्य फरकंडे फरीदा बेगम,क्षेत्र पंचायत सदस्य बीना सुशीला देवी,क्षेत्र पंचायत सदस्य कोयलख देवेन्द्र सिंह,क्षेत्र पंचायत सदस्य अन्द्रपा लखमा देवी मौजूद रहे।

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