हल्द्वानी शुद्धीकरण विवाद पर कांग्रेस का हल्ला बोल,किया मुख्यमंत्री आवास कूच।
देहरादून:- 07 सितंबर 2026
हल्द्वानी के रामलीला मैदान में शुद्धीकरण और हवन को लेकर सियासी घमासान लगातार बढ़ता जा रहा है। मामले के विरोध में कांग्रेस ने आज मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया.कांग्रेस का आरोप है कि इस घटना ने सामाजिक सौहार्द और संविधान की भावना पर सवाल खड़े किए हैं।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि सरकार को संविधान की भावना के अनुरूप कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि दोषियों पर कार्रवाई के बजाय सरकार उनका समर्थन कर रही है। राहुल गांधी पर दर्ज एफआईआर को लेकर भी उन्होंने सरकार पर निशाना साधा। रामलीला मैदान में शुद्धीकरण की घटना को लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि सरकार जनता का ध्यान दूसरे मुद्दों से भटकाने की कोशिश कर रही है।कांग्रेस नेता प्रीतम सिंह ने भी सरकार पर लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी करने का आरोप लगाया और कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर अपना विरोध जारी रखेगी।
मुख्यमंत्री आवास घेरने से पहले देहरादून के परेड ग्राउंड में अलग-अलग जिलों से कांग्रेसी नेताओं और कार्यकर्ताओं पहुंचे। यहां कांग्रेस के बड़े नेताओं की ओर से जनसभा को संबोधित किया गया। इस दौरान नेताओं ने कार्यकर्ताओं में जोश भरा। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि हल्द्वानी में खड़गे के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया वह लोकतांत्रिक परंपराओं और विपक्ष के सम्मान के खिलाफ है।परेड ग्राउंड में इकट्ठा होने और पार्टी के बड़े नेताओं के संबोधन के बाद कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने मुख्यमंत्री आवास कूच किया। हालांकि,कांग्रेसी नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस की टीम ने हाथीबड़कला चौकी के समीप बैरिकेटिंग लगाकर रोक दिया गया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
बताते चलें कि,हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मलिकार्जुन खड़गे की रैली के संपन्न होने के चौथे दिन यानी 11 अगस्त को श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्याय के कार्यकर्ताओं ने मंच और मैदान का गंगाजल से छिड़काव व हवन कर कथित रूप से शुद्धिकरण किया था। कांग्रेस ने इस पूरी घटना को मल्लिकार्जुन खड़गे की दलित पृष्ठभूमि से जोड़ते हुए भाजपा और संघ समर्थित संगठनों पर छुआछूत, सामाजिक भेदभाव और अपमान करने के बेहद गंभीर आरोप लगाए।
कांग्रेस का स्पष्ट कहना है कि दलित समाज से आने वाले उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद मंच को इस तरह धोना और शुद्धिकरण करना सनातन धर्म की आड़ में दलित समाज का सीधा अपमान है। हालांकि बीजेपी ने इससे साफ इंकार किया था। बीजेपी ने साफ किया था कि जिस संगठन ने हल्द्वानी रामलीला मैदान के मंच का शुद्धिकरण किया, उनका उनकी पार्टी से कोई संबंध नहीं है।
इस मामले को जहां खुद मल्लिकार्जुन खड़गे और कांग्रेस के अन्य नेताओं ने खुद लोकसभा व राज्यसभा में उठाया तो वहीं 29 अगस्त को राहुल गांधी ने भी इस मामले में दिल्ली में प्रेस वार्ता की थी. राहुल गांधी ने हल्द्वानी रामलीला मैदान शुद्धिकरण को छुआछूत और दलितों से अपमान से जोड़ा। इसके बाद तो मामला राष्ट्रीय मुद्दा बना गया। वहीं राहुल गांधी की प्रेस वार्ता के बाद तीस अगस्त को अमित नाम के व्यक्ति ने राहुल गांधी के खिलाफ हल्द्वानी में तहरीर दी है।
