गैरसैंण का सिलंगा गांव 7 सालों से डामरीकरण के इंतजार में,सडक की मांग को लेकर 2004 में हुई थी भूख हड़ताल।
मेहलचौरी (गैरसैंण)- 04 दिसम्बर 2025
रिपोर्ट- प्रेम संगेला.
विकासखंड गैरसैंण के अंतर्गत मेहलचौरी बाजार के नजदीकी सिलंगा गांव की कच्ची सड़क ग्रामीणों के लिए जी का जंजाल बनी हुई है।बरसात के मौसम में कीचड़ और पहाड़ी से गिरते पत्थरों से जहां सड़क जानलेवा बनी रहती है,वहीं साल के अन्य महीनों में सड़क पर उड़ती धूल स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो रही है। 2018 में मेहलचौरी से सिलंगा गांव की सड़क कटिंग के बाद से लोक निर्माण विभाग यहां डामरीकरण करना ही भूल गया है,जिसके चलते महज डेढ़ किलोमीटर लंबाई वाली सड़क पर ग्रामीणों का रोजाना का सफर परेशानियों का सबब बना हुआ है।
✅2004 में हुई थी 8 दिन की भूख हड़ताल
पूर्व में सड़क की मांग को लेकर ग्रामीणों ने लंबा संघर्ष किया था,जिसके लिए वर्ष 2004 में गांव के अविवाहित बिक्रम ब्रह्मचारी ने गांव से 4 किलोमीटर दूर पहाडी की चोटी पर स्थित भैरवगढी मंदिर परिसर में 8 दिनों की भूख हड़ताल आंदोलन किया था। जिसमें गैरसैंण को राजधानी व जिला बनाए जाने की मांग के साथ ही नागार्जुनसैंण मे केन्द्रिय विधालय की स्थापना व सिलंगा गांव को सड़क सुविधा से जोड़ने की मांगे प्रमुख रूप से शामिल थी।तब बिक्रम ब्रह्मचारी द्वारा की गई भूख हड़ताल राज्य भर में चर्चाओं के केंद्र में रही थी। इसके तत्काल बाद वर्ष 2005 में सड़क का सर्वे तो किया गया, लेकिन धनराशि सहित स्वीकृति को लेकर मामला आगे नहीं बढ़ सका,जिसके बाद वर्ष 2009 में सड़क का दोबारा से सर्वे कर धनराशि की व्यवस्था तो की गई,लेकिन सड़क की फाईल एक बार फिर से सरकारी दफ्तरों के चक्कर ही काटती रही।
✅क्या कहते हैं ग्रामीण अधिकारी ओर विधायक
लंबी प्रतीक्षा के बाद 2018 में सड़क का निर्माण शुरू हो पाया लेकिन पिछले 7 सालों से ग्रामीण कच्ची सड़क पर धक्के खाने को मजबूर हैं।मामले को लेकर ग्रामीण हरेंद्र शाह,हीरा सिंह नेगी,दीपक नेगी,सुरेंद्र नेगी आदि ने कहा की 20 सालों की प्रतिक्षा और लंबे संघर्षों के बाद सड़क का निर्माण तो हुआ लेकिन 7 साल से कच्ची सड़क पर चलना जोखिम भरा बना हुआ है,ग्रामीणों ने जल्द डामरीकरण किए जाने की मांग की।मामले को लेकर अधिशासी अभियंता गैरसैंण जेपी थपलियाल ने बताया कि डामरीकरण का एस्टीमेट शासन को भेज दिया गया है,स्वीकृति मिलते ही डामरीकरण शुरू कर दिया जाएगा।वहीं मामले में विधायक कर्णप्रयाग नौटियाल ने कहा कि ग्रामीणों की परेशानी को देखते हुए सड़क के डामरीकरण को प्राथमिकता में रखा गया है,जिसके लिए धनराशि स्वीकृति होते ही जल्द ही डामरीकरण का कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।
