हवाई सेवा शुरू- देहरादून से टिहरी,श्रीनगर और गौचर के लिए हवाई सेवा की आज से हुई शुरुआत।
देहरादून-06 दिसम्बर 2025
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का पहाड़ों पर एयर कनेक्टिविटी का संकल्प अब तेजी से धरातल पर उतर रहा है। कुमांऊ मंडल के बाद अब गढ़वाल मंडल में भी हवाई सेवाओं का अध्याय शुरू हो गया है। आज शनिवार को जॉलीग्रांट एयरपोर्ट से गढ़वाल मंडल के प्रमुख शहर देहरादून,टिहरी,श्रीनगर और गौचर के लिए हवाई सेवा की शुरुआत हुई। इन नए रूटों के शुरू होने से पूरे क्षेत्र में नई ऊर्जा और उत्साह का माहौल है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम (उड़ान) के तहत नई 6-सीटर हेली सेवा की शुरुआत की गई है, जो गढ़वाल मंडल के प्रमुख शहरों को सीधे राजधानी से जोड़ने का काम करेगी। नई हेली सेवा देहरादून से नई टिहरी के कोटी कॉलोनी हेलीपैड, श्रीनगर और गोचर के लिए प्रतिदिन दो उड़ानें संचालित करेगी। इससे यात्रा समय में बड़ी कमी आएगी तथा इन क्षेत्रों में आवागमन और सुविधाजनक होगा। राज्य सरकार का कहना है कि इन सेवाओं से न केवल पहाड़ी इलाकों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, बल्कि पर्यटन, रोजगार और आपदा प्रबंधन के क्षेत्रों में भी बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।
6 दिसंबर सुबह करीब 10 बजे देहरादून एयरपोर्ट से हेरिटेज एविएशन द्वारा संचालित पहली हेली ने उड़ान भरी। यह हेली टिहरी झील क्षेत्र और श्रीनगर के ऊपर से होते हुए गौचर हेलीपैड पर उतरी। उड़ान के दौरान मौसम साफ था और यात्रा बिल्कुल सुगम रही। पहली उड़ान में कुल 4 यात्री सवार थे, जिन्होंने इस नई सुविधा को लेकर उत्साह और संतोष व्यक्त किया। वहीं वापसी में भी हेली ने गौचर से 4 यात्रियों को लेकर देहरादून की ओर उड़ान भरी।
हेली सेवा का संचालन कर रही हेरिटेज एविएशन कंपनी के जनरल मैनेजर मनीष भंडारी और असिस्टेंट मैनेजर ऑपरेशन अभिलाष पटवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि इस रूट पर नियमित रूप से दिन में दो बार हेली उड़ान भरेगी, जिसके तहत पहली उड़ान सुबह लगभग 10 बजे और दूसरी उड़ान दोपहर 2:30 बजे देहरादून से संचालित की जाएगी। उन्होंने बताया कि श्रीनगर से टिहरी और गौचर के लिए 1000 रुपए किराया होगा. जबकि श्रीनगर से देहरादून के लिए 3000 रुपए प्लस जीएसटी देना होगा।
यात्रा कर रहे यात्रियों ने बताया कि इस हेली सेवा से न केवल सफर आसान हुआ है, बल्कि इससे पर्यटन को बढ़ावा, स्थानीय लोगों के लिए तेज़ आवाजाही और व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति मिल रही है।
