भालू की पित्त व जंगली जानवरों के नाखूनों के साथ दो तस्करों को उत्तराखंड एसटीएफ ने किया गिरफ्तार।

भालू की पित्त व जंगली जानवरों के नाखूनों के साथ दो तस्करों को उत्तराखंड एसटीएफ ने किया गिरफ्तार।

विकासनगर (देहरादून)-11 दिसम्बर 2025

देहरादून जनपद के विकासनगर क्षेत्र से उत्तराखंड एसटीएफ ने वन्यजीव तस्करी पर बड़ी कार्रवाई करते हुए दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से भालू का पित्त और जंगली जानवरों के नाखून बरामद हुए हैं। देशभर में वन्यजीवों के अंगों की अवैध तस्करी पर लगाम लगाने के उद्देश्य से
पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड,दीपम सेठ ने एसटीएफ को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। एसएसपी एसटीएफ नवनीत भुल्लर ने अपनी टीम को स्पष्ट निर्देश दिए कि
वन्यजीव अंगों की तस्करी में शामिल हर व्यक्ति की कुंडली तैयार कर कठोरतम कार्रवाई की जाए। इसी को देखते हुए उत्तराखंड एसटीएफ को मैनुअल रूप से सूचना मिली कि
विकासनगर क्षेत्र में भालू पित्त और वन्यजीव अंगों की अवैध तस्करी की जा रही है।सूचना के आधार पर एसटीएफ की टीम सक्रिय हुई और विकासनगर-यमुनोत्री रोड पर हत्यारी गांव से पहले मोटरसाइकिल पर आ रहे दो संदिग्धों को रोका गया। तलाशी के दौरान भगवान सिंह रावत के कब्जे से भालू पित्त जितेंद्र सिंह पुंडीर के कब्जे से जंगली जानवरों के 5 नाखून बरामद किए गए,

भालू पित्त और अन्य वन्यजीव अंग वन्यजीव संरक्षण अधिनियम-1972 की पहली अनुसूची में आते हैं,जिनका शिकार या व्यापार गंभीर अपराध है। एसटीएफ की शिकायत पर थाना विकासनगर में वन्यजीव अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। एसएसपी एसटीएफ के अनुसार मामले में गहन पूछताछ जारी है। तस्करी नेटवर्क में अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। वन विभाग से इस संबंध में औपचारिक पुष्टि और तकनीकी जांच की जा रही है,वन्यजीवों की तस्करी के खिलाफ उत्तराखंड एसटीएफ की यह कार्रवाई एक बड़ा संदेश है कि बेजुबान जानवरों के शिकार और तस्करी को किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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