जंगल में हादसे की शिकार महिला को एयर एम्बुलेंस मिलने में तीन घंटे की देरी, स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर उठे सवाल।
गोपेश्वर:- 13 जून 2026
चमोली में प्रशासनिक तालमेल की कमी से स्वास्थ्य सेवाएं कैसे वेंटिलेटर पर आ जाती हैं, इसकी एक बानगी तब देखने को मिली जब जैसाल गांव की गंभीर रूप से घायल रीना देवी को सिर में गहरी चोट के बाद हायर सेंटर रेफर किया गया। डॉक्टरों की चेतावनी के बाद परिजन उन्हें एयर एंबुलेंस की आस में गोपेश्वर पुलिस मैदान ले गए,लेकिन आपदा प्रबंधन और संबंधित विभागों के बीच खराब समन्वय के चलते हेलीकॉप्टर समय पर नहीं पहुंच सका। पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र भंडारी की मौजूदगी और प्रशासनिक कोशिशों के बावजूद, जिंदगी और मौत से जूझ रही महिला एक घंटे तक एंबुलेंस में ही तड़पती रही.
चमोली जिले के जैसाल गांव की निवासी रीना देवी जंगल में चारा-पत्ती लेने गई थीं, जहां अचानक पैर फिसलने से वह गहरी खाई में गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गईं। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें तत्काल जिला अस्पताल गोपेश्वर पहुंचाया.
जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया। परिजनों का आरोप है कि रेफर किए जाने के बावजूद एयर एम्बुलेंस की व्यवस्था होने में करीब तीन घंटे का समय लग गया। इस दौरान घायल महिला अस्पताल में उपचाराधीन रही और परिजन लगातार एयर एम्बुलेंस का इंतजार करते रहे।
मामले की जानकारी मिलने पर पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र भंडारी जिला अस्पताल पहुंचे और एयर एम्बुलेंस व्यवस्था में हो रही देरी को लेकर अस्पताल प्रशासन से जानकारी ली। इस दौरान उनकी कुछ कर्मचारियों के साथ तीखी बहस भी हुई। बाद में महिला को सड़क मार्ग से गोचर हवाई पट्टी पहुंचाया गया, जहां से एयर एम्बुलेंस के माध्यम से देहरादून के लिए रवाना किया गया।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने पर्वतीय क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर चिंता जताई है। उनका कहना है कि जिला अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों, आधुनिक उपकरणों और पर्याप्त संसाधनों की कमी के कारण गंभीर मरीजों को अक्सर देहरादून या अन्य बड़े अस्पतालों के लिए रेफर करना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि दुर्गम क्षेत्रों से मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाना ही बड़ी चुनौती है। ऐसे में एयर एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं में देरी मरीजों के जीवन के लिए खतरा बन सकती है। स्थानीय नागरिकों ने सरकार से जिला अस्पतालों को बेहतर सुविधाओं से सुसज्जित करने तथा एयर एम्बुलेंस सेवा को अधिक त्वरित और प्रभावी बनाने की मांग की है, ताकि आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध हो सके।
परिजनों का आरोप है कि हेलीकॉप्टर की उपलब्धता और आगमन को लेकर उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। वहीं पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र भंडारी भी मौके पर मौजूद रहे और प्रशासनिक अधिकारियों से लगातार संपर्क में रहे, लेकिन इसके बावजूद हेलीकॉप्टर नहीं पहुंच पाया। करीब एक घंटे तक इंतजार के बाद घायल महिला को वापस जिला अस्पताल लाया गया,जहां उसका सिटी स्कैन कराया गया। चिकित्सकों ने महिला की स्थिति गंभीर बताई है। घटना के बाद जिले में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं और एयर रेस्क्यू व्यवस्था की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। परिजन और स्थानीय लोग पूरे मामले की जांच तथा जिम्मेदार अधिकारियों से जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं।
