चारधाम यात्रा में हेली सेवाओं को और सुरक्षित व बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम।
उत्तराखंड-19 दिसम्बर 2025
उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा लाखों श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र है, लेकिन ऊंचाई वाले इलाकों और चुनौतीपूर्ण मौसम के कारण यहां हेलीकॉप्टर सेवाएं यात्रियों के लिए जीवनरेखा सरीखी हैं। पिछले कुछ वर्षों में हुई कुछ दुर्घटनाओं से सबक लेते हुए, उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) अब यात्रा की कनेक्टिविटी को और मजबूत व सुरक्षित बनाने में जुट गया है।
यूकाडा के सीईओ आशीष चौहान ने हाल ही में बताया कि चारधाम, खासकर केदारनाथ की हेली सेवाओं के लिए नया टेंडर जल्द ही जारी किया जाएगा। पिछले टेंडर की समय सीमा समाप्त होने के बाद अब सभी हेली कंपनियों को नए सिरे से भागीदारी का मौका मिलेगा। यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और नई व्यवस्था के साथ होगी, ताकि अधिक कंपनियां शामिल हो सकें और सेवाएं बेहतर हो सकें। डीजीसीए की हालिया समीक्षा के बाद मिले निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जा रहा है। डीजीसीए की कमेटी ने शॉर्ट टर्म, मिड टर्म और लॉन्ग टर्म सिफारिशें दी हैं, जिन्हें लागू कर यात्रा को और सुरक्षित बनाया जाएगा। खास तौर पर केदारनाथ में सामने वाले स्लोप को मजबूत करने, वहां एटीसी टावर बनाने और गुप्तकाशी वैली में सिरसी या फाटा के आसपास भी एटीसी टावर स्थापित करने की योजना है। इससे ऑपरेशंस और नियंत्रित होंगे। इस साल सितंबर तक चले दूसरे चरण की यात्रा में आईएमडी, डीजीसीए और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के निर्देशों के आधार पर सेवाएं संचालित की गईं, और अब इन्हीं अनुभवों को अगली यात्रा में शामिल किया जाएगा।
यात्रियों की संख्या और उड़ानों के बारे में पूछे जाने पर आशीष चौहान ने कहा कि इस बार भी डीजीसीए के निर्देशों का सख्ती से पालन होगा। पहले की तरह शटल सेवाओं में 30 प्रतिशत तक की कमी रखी जा सकती है, ताकि कैरिंग कैपेसिटी के अनुसार पीक सीजन में ओवरलोड न हो। कुल उड़ानें और शामिल कंपनियां डीजीसीए की मंजूरी और सुरक्षा मानकों पर निर्भर करेंगी। ये सभी प्रयास चारधाम यात्रा को न केवल सुगम बल्कि पूरी तरह सुरक्षित बनाने की दिशा में हैं। अगली यात्रा सीजन में श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिलेगा, और आस्था की इस यात्रा में कोई जोखिम न रहे, यही सरकार और यूकाडा की प्राथमिकता है।
