हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना का आरोप,मसूरी जॉर्ज एवरेस्ट मार्ग पर फिर उगाही का मामला गरमाया।
स्थानीय समुदाय ने एयरोस्पोर्ट्स कंपनी के खिलाफ एफआईआर की मांग की।
मसूरी (देहरादून)-13 जनवरी 2026
जॉर्ज एवरैस्ट एस्टेट को जाने वाली सार्वजनिक सड़क को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है। स्थानीय निवासियों ने राजस एयरोस्पोर्ट्स एंड एडवेंचर प्राइवेट लिमिटेड के जनरल मैनेजर केशव चंद पर उत्तराखंड हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना,अवैध टोल वसूली,धमकी और उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। स्थानीय समुदाय ने इस संबंध में कोतवाली मसूरी में लिखित शिकायत देकर आईपीसी की धारा 188, 500, 503, 506 सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
हाईकोर्ट का स्पष्ट आदेश, फिर भी मनमानी का आरोप⤵️
शिकायत में बताया गया है कि उत्तराखंड हाईकोर्ट, नैनीताल ने जनहित याचिका संख्या 35/2025 में 6 जनवरी 2026 को स्पष्ट आदेश पारित करते हुए कहा था कि जॉर्ज एवरैस्ट एस्टेट को जाने वाली सड़क सार्वजनिक मार्ग है। यह सड़क कंपनी के लीज क्षेत्र का हिस्सा नहीं है। कंपनी को किसी भी प्रकार का टोल वसूलने या रास्ता रोकने का अधिकार नहीं है। इसके बावजूद आरोप है कि कंपनी द्वारा अनधिकृत बैरियर लगाए गए,स्थानीय लोगों और पर्यटकों को रोका जा रहा है और सड़क को निजी संपत्ति बताकर डराया-धमकाया जा रहा है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि जब वे अपने ही गांव और बस्ती तक जाने के लिए सड़क का उपयोग करते हैं तो कंपनी के कर्मचारी आक्रामक व्यवहार, धमकी और गलत कानूनी दावे करते हैं। इससे क्षेत्र में भय और तनाव का माहौल बन गया है। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि कंपनी द्वारा भूमि स्वामित्व को लेकर भ्रामक दावे किए जा रहे हैं,जिससे आम जनता भ्रमित हो रही है और कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की आशंका है। शिकायतकर्ताओं मेंअभय शर्मा, भगत सिंह, मो. शोएब आलम, जगपाल गुसाईं, डॉ. सोनिया आनंद रावत, जय प्रकाश राणा,रमेश कुमार सहित अन्य स्थानीय नागरिकों ने पुलिस से मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए व मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए.हाईकोर्ट के आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए,भविष्य में स्थानीय लोगों के उत्पीड़न को रोका जाए। बता दे कि यह मामला अब सिर्फ सड़क या टोल तक सीमित नहीं रह गया है,बल्कि न्यायालय की अवमानना और आम नागरिकों के अधिकारों से जुड़ा गंभीर मुद्दा बन चुका है। ऐसे में देखना होगा कि मसूरी पुलिस प्रशासन इस पर कितनी तेजी और सख्ती से कार्रवाई करता है।
