नैनीताल जिले के 3 विकासखंडों में 19 से 21 जनवरी तक स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित।
नैनीताल-18 जनवरी 2026
उत्तराखंड के नैनीताल जिले में वन्यजीवों के हमले के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. जिससे लोगों में दहशत का माहौल है।लोग अपने खेतों में नहीं जा रहे हैं। साथ ही शाम ढलते ही उनका बाहर निकलना मुश्किल हो गया है. लोग अपने नौनिहालों को स्कूल भेजने से भी कतरा रहे हैं. ऐसे में जिला प्रशासन ने स्कूली छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए कुछ विकासखंडों के आंगनबाड़ी और 12वीं तक के स्कूलों 3 दिन का अवकाश घोषित किया है।
नैनीताल जिले में लगातार सामने आ रही मानव–वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने एक बार फिर स्कूली बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 3 दिन का अवकाश घोषित किया है. प्रशासन ने धारी,ओखलकांडा और रामगढ़ विकासखंड के अंतर्गत आने वाले सभी सरकारी, सहायता प्राप्त एवं निजी विद्यालयों में 1 से 12 तक और आंगनबाड़ी केंद्रों में 19 से 21 जनवरी तक अवकाश घोषित किया है।
जिलाधिकारी कार्यालय से जारी आदेश के मुताबिक, धारी, ओखलकांडा और रामगढ़ विकासखंड में सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र 19 जनवरी से 21 जनवरी तक पूरी तरह से बंद रहेंगे। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि हाल के दिनों में इन इलाकों में जंगली जानवरों की आवाजाही बढ़ी है, जिससे बच्चों के स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों तक आने-जाने के दौरान किसी भी प्रकार की अनहोनी की आशंका बनी हुई है।
जिलाधिकारी, नैनीतालललित मोहन रयाल ने कहा कि बच्चों की जान-माल की सुरक्षा सर्वोपरि है। मानव–वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं न केवल ग्रामीणों के लिए बल्कि, स्कूली बच्चों के लिए भी खतरा बन सकती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए एहतियातन यह निर्णय लिया गया है. ताकि, किसी भी अप्रिय घटना को होने से रोका जा सके। वहीं, वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी संबंधित क्षेत्रों में 24 घंटे सतत निगरानी बनाए रखें. जंगली जानवरों की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ ग्रामीण इलाकों में गश्त बढ़ाने और संवेदनशील क्षेत्रों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. इसके अलावा पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग को भी आपसी समन्वय से कार्य करने को कहा गया है।
डीएम ललित मोहन रयाल ने मुख्य शिक्षा अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी (बाल विकास) और खंड शिक्षा अधिकारियों को आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अभिभावकों से भी अपील की है कि वे बच्चों को अकेले बाहर न भेजें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल प्रशासन या वन विभाग को दें।बता दें कि कुछ समय पहले धारी क्षेत्र में वन्यजीव ने दो महिलाओं को अपना निवाला बनाया था।
