मसूरी में जॉर्ज एवरेस्ट मार्ग पर बढ़ा विवाद,पालिका अध्यक्ष ने दिया 10 दिन का अल्टीमेटम।
मसूरी (देहरादून)-18 जनवरी 2026
मसूरी में विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल जॉर्ज एवरेस्ट तक जाने वाले मार्ग को लेकर विवाद और गहरा गया है। आम रास्ते पर रोक और कथित अवैध शुल्क वसूली को लेकर स्थानीय लोगों, संघर्ष समिति और कंपनी प्रबंधन आमने-सामने हैं। रविवार को नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने पालिका अधिकारियों, सभासद और संघर्ष समिति के सदस्यों के साथ मौके पर पहुंचकर स्थिति का स्थलीय निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उस समय तनाव उत्पन्न हो गया जब जॉर्ज एवरेस्ट गेट पर तैनात निजी सुरक्षा गार्डों ने पालिका अध्यक्ष, अधिकारियों और मीडिया कर्मियों को अंदर जाने से रोकने की कोशिश की। आरोप है कि मीडिया कर्मियों के साथ अभद्रता भी की गई, जिससे मौके पर तीखी नोकझोंक हुई। पालिका अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद स्थिति नियंत्रित हुई और निरीक्षण संभव हो पाया। स्थलीय जांच में यह सामने आया कि जॉर्ज एवरेस्ट से जुड़ा मार्ग लंबे समय से सार्वजनिक रास्ता रहा है, जिस पर स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों का आवागमन होता रहा है। पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने स्पष्ट कहा कि यह आम रास्ता है और इसे निजी बताकर रोकना या शुल्क वसूलना कानूनन गलत है। पालिका अध्यक्ष ने कंपनी प्रबंधन, पर्यटन विभाग और उच्च अधिकारियों से सभी दस्तावेजों के आधार पर वार्ता की बात कहते हुए 10 दिन का अल्टीमेटम दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि तय समय में रास्ता नहीं खोला गया और शुल्क वसूली बंद नहीं हुई तो नगर पालिका कठोर कार्रवाई करेगी। आवश्यकता पड़ने पर जॉर्ज एवरेस्ट मार्ग को प्रशासनिक स्तर पर बंद भी किया जा सकता है। मीरा सकलानी ने बताया कि उच्च न्यायालय के पूर्व आदेशों का अध्ययन किया जा रहा है। पर्यटन विभाग पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि भूमि हस्तांतरण के समय कंपनी को किसी सार्वजनिक मार्ग का अधिकार नहीं दिया गया था, जिससे नगर पालिका का पक्ष मजबूत होता है।सभासद जसवीर कौर और संघर्ष समिति के सदस्य भगत सिंह कठैत ने कंपनी पर हाईकोर्ट के आदेशों की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यदि 10 दिन में रास्ता नहीं खोला गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा और अदालत में अवमानना याचिका दायर की जाएगी।
