चमोली में ऐतिहासिक 180 किमी बड़ी नंदा जात 2026 का ऐलान।
नंदानगर (चमोली)-23 जनवरी 2026
उत्तराखंड की आराध्य देवी माँ नंदा देवी की आस्था और परंपरा से जुड़ी ऐतिहासिक 180 किलोमीटर लंबी बड़ी नंदा जात 2026 को लेकर आज नंदानगर स्थित सिद्धपीठ नंदाधाम कुरूड़ में विधिवत ऐलान किया गया। शुक्रवार को वसंत पंचमी के पावन अवसर पर गौड़ पुजारियों एवं मंदिर समिति की उपस्थिति में दिन पट्टा निकाला गया, जिसके साथ ही बड़ी नंदा जात की तिथि घोषित की गई।
इस अवसर पर माँ नंदा देवी का पार्श्व अवतरण कर परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ बड़ी जात के शुभारंभ की घोषणा की गई। मंदिर प्रांगण में विधिवत धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। इस दौरान पूरे क्षेत्र में भक्तिमय और उत्सवपूर्ण वातावरण देखने को मिला।
आयोजन समिति के अनुसार इस वर्ष बड़ी नंदा जात में कुल 26 पड़ाव निर्धारित किए गए हैं। तय कार्यक्रम के अनुसार 5 सितंबर 2026 को माँ नंदा देवी की डोली नंदाधाम कुरूड़ से यात्रा का शुभारंभ कर अपने प्रथम पड़ाव चरबंग गांव पहुंचेगी। इसके पश्चात विभिन्न पारंपरिक पड़ावों से गुजरते हुए 16 सितंबर को माँ नंदा देवी की डोली अपने धर्म भाई के गांव वाण पहुंचेगी। वहीं, 20 सितंबर 2026 को बड़ी नंदा जात अपने अंतिम पड़ाव शिलासमुद्र से आगे बढ़ते हुए होमकुंड पहुंचेगी, जहां विधिवत धार्मिक अनुष्ठानों के साथ माँ नंदा देवी को कैलाश के लिए विदा किया जाएगा। इसके उपरांत श्रद्धालु परंपरा के अनुसार जामुन डाली लौटेंगे।
बधाण की नंदा का यह रहेगा रूट मैप⤵️
5 सितम्बर 26- सिद्धपीठ कुरूड से चरबंग।
6 सितम्बर 26- चरंबग से कुंडबगड होते हुए मथकोट।
7 सितम्बर 26- मथकोट से धरगांव, नंदानगर होते हुए उस्तोली।
8 सितम्बर 26- उस्तोली से सरपाणी, लांखी होते हुए भेंटी।
9 सितम्बर 26- भेंटी से स्यांरी बंगाली होते हुए डुंग्री।
10 सितम्बर 26- डुंग्री से केरा, मैन होते हुए सूना।
11 सितम्बर 26- सूना से थराली, राडीबगड होते हुए चेपडों।
12 सितम्बर 26- चेपडों से कोठी होते हुए नंदकेशरी। (गढ़वाल तथा कुमाऊ की राज छंतोलियों का मिलन)।
13 सितम्बर 26- नंदकेशरी से पूर्णा, देवाल, इच्छोली, हाट होते हुए फल्दियागांव।
14 सितम्बर 26- फल्दियागांव से कांडई, लबू, ल्वाणी, बगडीगाढ़ होते हुए मुदोली।
15 सितम्बर 26- मुंदोली से लोहाजंग, कार्तिकबगड़, देवी लाटू मिलन वाण।
15 सितम्बर 26- वाण से रणकधार होते हुए गैरोलीपातल।
17 सितम्बर 26- गैरोलीपातल से डोलीधार होते हुए बेदनी।
18 सितम्बर 26- बेदनी में नंदा सप्तमी पूजा के बाद पातर नचैणियां।
19 सितम्बर 26- पातर नचैणियां से कलवा बिनायक, रूपकुंड, ज्यूंरागली-शिलासमुंद्र।
20सितम्बर 26- शिलासमुद्र से पंचगंगा, होमकुंड में बडी जात और जामुनडाली।
21 सितम्बर 26- जामुनडाली से तातडा होते हुए सुतोल।
22 सितम्बर 26- सतोल से कनोल होते हुए वाण।
23 सितम्बर 26- वाण से कुलिंग।
24 सितम्बर 26- कुलिंग से बगडीगाढ होते हुए ल्वाणी।
25 सितम्बर 26- ल्वाणी से उलंग्रा।
26 सितम्बर 26- उलंग्रा से हाट होते हुए वेराधार।
27 सितम्बर 26- वेराधार से टुनरी होते हुए गोठिंडा।
28 सितम्बर 26- गोठिंडा से कुनीपार्था होते हुए कुराड़।
29 सितम्बर 26- सगवाडा से डांखोली।
30 सितम्बर 26- डांखोली से भेटा होते हुए नंदादेवी सिद्धपीठ देवराडा में छह माह का प्रवास।
दशोली की नंदा की रूट मैप⤵️
5 सितम्बर – सिद्धपीठ कुरूड से धरगांव होते हुए कुमजुग।
6 सितम्बर – कुमजुग से कुंडबगड होते हुए लुणतरा।
7 सितम्बर – लुणतरा से कांडा, खुनाणा, लामसोडा, माणखी, चोपडाकोट होते हुए कांडई।
8 सितम्बर – कांडई से खलतरा, मोठा, चाका होते हुए सेमा।
9 सितम्बर – सेमा से बैराशकुंड, इतमोली, घुवडखेत होते हुए मटई ग्वाड।
10 सितम्बर – मटई ग्वाड से दाणू मंदिर होते हुए पगना।
11 सितम्बर – पगना से भौंधार, चरबंग होते हुए ल्वाणी।
12 सितम्बर – ल्वाणी से सुंग, बौंटाखाल होते हुए रामणी।
13 सितम्बर – रामणी से कासमातोली, घूनी, पडेरगांव, बूरा होते हुए आला।
14 सितम्बर – आला से जोखना, सितेल होते हुए कनोल।
15 सितम्बर – कनोल से वाण। (लाटू व सभी देवडोलियों का मिलन)।
16 सितम्बर – वाण से गैरोलीपातल।
17 सितम्बर – गैरोलीपातल से होते हुए बेदनी।
18 सितम्बर – बेदनी में अमुकता भरणी नंदा सप्तमी पूजा के बाद पातर नचैणियां।
19 सितम्बर – पातर नचैणियां से कलवा विनायक, रूपकुंड, ज्यूंरागली होते हुए शिलासमुंद्र।
20 सितम्बर – शिला समुंद्र से पंचगंगा, त्रिशूली, होमकुंड होते हुए जामुनडाली।
21 सितम्बर – जामुनडाली से तातडा, द्योसिंगधाम होते हुए सुतोली।
22 सितम्बर -सुतोल से फरखेल।
23 सितम्बर -फरखेत से कुंरूड नंदाधाम।
