आधार व पैन कार्ड में छेड़छाड़ कर लाखों का चूना लगाने वाले गिरोह का पर्दाफाश,दो गिरफ्तार।

आधार व पैन कार्ड में छेड़छाड़ कर लाखों का चूना लगाने वाले गिरोह का पर्दाफाश,दो गिरफ्तार।

बागेश्वर-02 फरवरी 2026

पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए धोखाधड़ी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। गिरोह के सदस्य आधार और पैन कार्ड में एडिटिंग कर फाइनेंस कंपनियों को चूना लगा रहे थे। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।​

जानिए क्या है पूरा मामला?⤵️

28 जून 2024 को कठायतबाड़ा निवासी वरिजा त्रिपाठी ने कोतवाली बागेश्वर में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनकी जानकारी के बिना उनके आधार और पैन कार्ड का दुरुपयोग किया। जालसाजों ने इन दस्तावेजों के आधार पर ‘DMI फाइनेंस’ से ₹1,30,932 का लोन लेकर एक सैमसंग गैलेक्सी S-23 अल्ट्रा मोबाइल फोन खरीद लिया। इस धोखाधड़ी के कारण वादिनी का सिबिल (CIBIL) स्कोर भी खराब हो गया।​

पुलिस की जांच और गिरफ्तारी⤵️

एसपी चंद्रशेखर घोड़के के निर्देश पर साइबर सेल और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई। जांच के दौरान पता चला कि गिरोह ने वादिनी के फोटो और पते में कूटरचना (छेड़छाड़) कर फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे। 1 फरवरी 2026 को पुलिस ने दबिश देकर दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया। अंकित कुमार (23 वर्ष): निवासी यमुनात्री एन्क्लेव, चंद्रबनी फेस-2, देहरादून।​जौनी (32 वर्ष): निवासी ग्राम ककराला, थाना नकुड, सहारनपुर (यूपी)।​ सहारनपुर और देवबंद में भी दर्ज हैं। मुकदमे पकड़े गए आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। इनके खिलाफ सहारनपुर के सदर बाजार और देवबंद थाने में पहले से ही धोखाधड़ी (धारा 420, 467, 468, 471, 120B) के गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने इनके पास से धोखाधड़ी कर खरीदा गया सैमसंग S-23 अल्ट्रा मोबाइल फोन (IMEI नंबर सहित) बरामद कर लिया है।​

गिरोह में ये भी हैं शामिल⤵️

पुलिस जांच में गिरोह के अन्य सदस्यों के नाम भी सामने आए हैं, जिनमें रविन्द्र ढाका, उसकी पत्नी ज्योति, और रोहित अग्रवाल शामिल हैं। बताया जा रहा है कि ज्योति नाम की महिला ही आधार कार्ड में फोटो एडिट करने का काम करती थी। पुलिस अब इन फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।​

पुलिस टीम की इस सफलता पर पुलिस अधीक्षक ने टीम की सराहना की है। टीम में उपनिरीक्षक मनोहर चन्द, कांस्टेबल इमरान (साइबर सेल) और कांस्टेबल राजेन्द्र सिंह शामिल रहे।​पुलिस ने जनता से अपील की है कि अपने निजी दस्तावेज जैसे आधार और पैन कार्ड किसी भी अनजान व्यक्ति से साझा न करें, अन्यथा आप भी ऐसे साइबर फ्रॉड का शिकार हो सकते हैं।

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