रुड़की में युवती की बेरहमी से की थी हत्या,हत्याकांड में आरोपी को निचली अदालत से मौत की सजा मामले में हाईकोर्ट में हुई सुनवाई।
नैनीताल-09 फरवरी 2026
सत्र न्यायाधीश रमेश सिंह प्रथम अपर जिला न्यायाधीश रुड़की की ओर से आरोपी हैदर को मृत्युदंड और रिहान को आजीवन सजा दिए जाने के मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। यह सुनवाई निचली अदालत की ओर से उच्च न्यायालय यानी हाईकोर्ट को भेजे गए अपने आदेश की पुष्टि करने के मामले पर हुई।
मामले में न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ शाह की खंडपीठ ने सरकार का पक्ष सुनने के बाद दोनों आरोपियों को कोई राहत नहीं दी। साथ ही कोर्ट ने मामले को अंतिम सुनवाई के लिए रख लिया है। आज 9 फरवरी सोमवार को सुनवाई के दौरान रिहान और हैदर की तरफ से रिहा करने को लेकर प्रार्थना पत्र दिया गया, जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने उन्हें कोई राहत न देते हुए मामले को अंतिम सुनवाई के लिए रख लिया है।
बता दें कि एक युवती का जघन्य अपराध करने वाले हैदर को निचली अदालत ने 12 जून 2025 को फांसी की सजा सुनवाई थी। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि दोषी को तब तक फांसी के फंदे में लटकाया जाए, जब तक उसकी मौत न हो जाती। साथ में उसे 50 हजार रुपए के जुर्माने से भी दंडित किया था। जुर्माना अदा न करने पर एक साल का सश्रम कारावास से भी दंडित किया।
जानिये पूरा मामला⤵️
दरअसल, मृतका के भाई दिनेश ने साल 2021 में हरिद्वार जिले के रुड़की के गंगनहर थाने में प्रार्थना देकर कहा था कि उनकी बहन को अक्सर हैदर परेशान करता है, जब वो घर पर नहीं थे, तब वो अपने दो अन्य साथियों के साथ घर में घुसा। उसके बाद तीनों ने उसकी बहन के घुटने मोड़े, फिर पेपर कटिंग करने वाले धारदार हथियार से गला धड़ से अलग कर दिया।आरोपी अक्सर उस पर शादी करने का दबाव डाल रहा था। बहन ने जब मना किया तो उसने इस वारदात को अंजाम दिया। निचली अदालत में हुई सुनवाई के दौरान 13 गवाह पेश किए गए। आरोपी की तरफ से कहा गया कि वो निर्दोष है, फांसी की सजा देने योग्य नहीं है। वहीं, अभियोजन पक्ष की तरफ से कहा गया कि इस घटना में आरोपी ने एक सोची समझी साजिश के तहत घटना को अंजाम दिया है। अन्य साथियों ने भी उसका सहयोग किया, उन्हें भी सजा दी जाए। फिलहाल,हाईकोर्ट ने मामले को अंतिम सुनवाई के लिए रख लिया है।
