भंवाली चर्चित यौन शोषण मामले में युवती की समझौता और नरेश पांडे की सुरक्षा याचिका खारिज।
नैनीताल-27 मई 2026
उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय ने भवाली के चर्चित नरेश पाण्डे यौन शोषण मामले में पीड़ित युवती की समझौता समेत नरेश पांडे की सुरक्षा मुहैय्या कराने संबंधी याचिका पर सुनवाई के बाद याचिकाओं को खारिज कर दिया है.न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ ने जांच अधिकारी से युवती की एफ.आई.आर.की जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है।
उत्तराखंड हाईकोर्ट में जनपद नैनीताल के भवाली क्षेत्र में यौन शोषण के मामले में युवती द्वारा समझौते व नरेश पांडे द्वारा सुरक्षा के लिए दायर याचिका पर सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट की एकलपीठ ने नरेश पांडे को कोई राहत न देते हुए युवती द्वारा दोनों थानों में दर्ज कराई गई एफआईआरों की जांच अलग अलग कराई जाए।
आज मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ में हुई। हुई सुनवाई पर पांडे की तरफ से कहा गया कि उसे झूठा फंसाया गया है. उसके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है. जिससे कि उसका दोष सिद्ध हो सके। युवती ने कहा नरेश पांडे उससे शादी करे, जो मुकदमा दर्ज किया गया है उसे समाप्त किया जाये, जिसपर नरेश पांडे की तरफ से कहा गया कि युवती अपने बयान बार बार बदल रही है, जो न्याय दिलाने में दिक्कत कर सकता है।
मामले के अनुसार कुछ दिन पूर्व भवाली के उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष नरेश पांडे के खिलाफ युवती ने कुछ लोगों के कहने पर व्यापार मंडल अध्यक्ष के विरुद्ध नैनीताल कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था. जिसमें कहा गया था कि उसके साथ व्यापार मंडल के अध्यक्ष द्वारा शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किया गया। बाद में युवती ने मुकदमा वापस लेने के साथ तल्लीताल थाने में 3 अन्य के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया। जिसमें कहा 3 युवकों ने उसके वीडियो वायरल करने की धमकी देते हुए व्यापार मंडल अध्यक्ष नरेश पांडेय के खिलाफ कोतवाली में झूठा मुकदमा दर्ज करने का दबाब बनाया था।बआज इस मामले में नैनीताल हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। जिसमें कोर्ट ने नरेश पांडे को राहत नहीं दी है। साथ ही युवती द्वारा दर्ज एफआईआर की अलग अलग जांच करने की बात कही है।
