आगामी त्यौहारी सीजन के दौरान खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए गाइडलाइन जारी।

आगामी त्यौहारी सीजन के दौरान खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए गाइडलाइन जारी।

देहरादून-26 फरवरी 2026

रंगों का पर्व होली जैसे-जैसे नजदीक आ रही है उसी क्रम में मिलावटखोरी का मामला भी तेज होता जा रहा है। दरअसल, आगामी होली और नवरात्रि के दौरान दूध और दूध से बने उत्पादों के साथ ही अन्य खाद्य पदार्थों का काफी अधिक इस्तेमाल किया जाता है। जिसके चलते मिलावटखोरों की ओर से दूध एवं दूध से बने उत्पादों के साथ ही अन्य खाद्य पदार्थों में काफी अधिक मिलावट की जाती है। जिसके मामले हमेशा से ही सामने आते रहे हैं। जिसको देखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने विशेष अभियान चलाए जाने संबंधित कार्ययोजना जारी कर दी है।

खाद्य संरक्षण एवं औषधि प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, दुग्ध एवं दुग्ध पदार्थों, खाद्य तेल, वास, घी, खाद्य मसालों, आटा, मैदा, बेसन, कुट्टू और नवरात्रि में इस्तेमाल होने वाले अन्य खाद्य पदार्थों से संबंधित निर्माण इकाइयों/डेयरी और इसका वितरण करने वाले ट्रांसपोर्टर, थोक/ रिटेल विक्रेताओ का चिन्हीकरण करते हुए इन पर परिवर्तन संबंधी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही भारतीय का सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण, नई दिल्ली के स्तर से लीगल एवं सर्विलांस सैंपलिंग के लिए निर्धारित लक्ष्यों के सापेक्ष सैंपलिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।

एफडीए ने गाइडलाइन जारी कर निर्देश दिए हैं कि जिला स्तर पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम गठित करते हुए दुग्ध एवं दुग्ध पदार्थों, मिष्ठान व हाई रिस्क केटगरी में वर्णित निर्माण इकाईयों / डेयरियों के साथ ही थोक एवं रिटेल विक्रेताओं के दुकानों पर औचक निरीक्षण की जाए। साथ ही खाद्य पदार्थ और उसमें इस्तेमाल होने वाले चीजों की सघन जांच करते हुए सैंपल एकत्र कर आगे की कार्रवाई करें। इसके लिए मोबाइल टेस्टिंग वैन में उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल करते हुये मौके पर प्राथमिक जॉच की करे। और उस जाँच में मानको के अनुरूप नहीं पाये गये सैंपलों का विधिक सैंपल एकत्र कर राजकीय प्रयोगशाला को भेजा जाए। जो सैंपल मानकों के अनुरूप नहीं पाए जा रहे हैं उससे सम्बन्धित निर्माण इकाई एवं सप्लाई चैन से जुड़े हुए वितरक / डिस्ट्रीब्यूटर, थोक विक्रता / फुटकर विक्रेताओं को चिन्हित कर आगे की कार्यवाही की जाए। इसके साथ ही सभी ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफार्म पर विशेष निगरानी रखते हुए उनके द्वारा सप्लाई कराई जा रही खाद्य पदार्थों पर निगरानी रखें। किसी बड़ी निर्माण इकाइयों या खाद्य कारोबारी के खिलाफ कार्रवाई के दौरान स्थानीय पुलिस / प्रशासन का सहयोग भी ले। राजकीय प्रयोगशाला की ओर से सैंपल की प्रकृति के अनुसार, प्राथमिकता के आधार पर सैंपलों की जाँच की जायेगी। मुख्य रूप से जल्दी खराब होने वाले खाद्य सैंपलों की जांच प्राथमिकता के आधार पर की जाए।

खाद्य प्रतिष्ठानों के परिसर का निरीक्षण के दौरान अगर शेड्यूल-4 व खाद्य संरक्षा और मानक अधिनियम के उल्लंघन की स्थिति पाई जाती है तो उसे दौरान धारा- 32 के तहत सूचना जारी की जाए। अनसेफ फूड घोषित होने पर फूड रिकॉल रेगुलेशन के तहत समय पर रिकॉल की कार्रवाई की जाए, यानी बाजार से उस खाद्य पदार्थ को वापस मंगवाया जाए। जिला स्तर पर एलआईयू से समन्वय बनाते हुए मिलावटी खाद्य पदार्थों में सम्मिलित खाद्य कारोबारी/लोगों के संबंध में सूचना एकत्र की जाए। गाइडलाइन के अनुसार किए गए कामों की रोजाना जिला स्तर से मुख्यालय को जानकारियां उपलब्ध कराई जाए।

वही, ज्यादा जानकारी देते हुए एफडीए के अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने कहा कि आगामी त्यौहारी सीजन को देखते हुए क्विक रिस्पांस टीम गठित की गई है। इसको लेकर, स्वास्थ्य सचिव की ओर से सख्त निर्देश दिए गए हैं कि इसमें कोई भी लापरवाही ना बरती जाए। ताकि त्यौहारी सीजन में खाद्य पदार्थों से संबंधित कोई भी अप्रिय घटनाएं ना घटित हो। जिसको देखते हुए प्रदेश के दोनों मॉडलों यानी गढ़वाल और कुमाऊं मंडल में डिप्टी कमिश्नर की अध्यक्षता में टीमें गठित की गई है। जो टीम दूध और दूध से बने उत्पादों की सघन चेकिंग कर रही है, इसके अलावा प्रदेश के बॉर्डर क्षेत्र में भी विशेष निगरानी रखते हुए चेकिंग चलाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही बताया कि पिछले कई सालों से त्यौहारी सीजन की दृष्टिगत विभाग की ओर से एडवाइजरी जारी की जा रही है। जिसके तहत दूध और दूध से बने उत्पादों में मिलावटी के मामले सामने आते हैं तो उसपर सख्त कार्रवाई करने को कहा गया है। इसके साथ ही खाद्य पदार्थों के सर्विलांस सैंपलिंग के भी निर्देश दिए गए हैं। साथ ही बताया कि पहले भी अधिकारियों को ये आदेश दिए गए थे कि कलरफुल मिठाइयों और रीयूज़ ऑयल के संबंध में जनता को जागरूक करें।साथ ही अगर कलरफुल मिठाइयां या किसी भी होटल रेस्टोरेंट में रीयूज़ ऑयल का मामला मिलता है तो तत्काल सैंपलिंग की कार्रवाई करें।

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