भ्रष्टाचार का आरोप:- जेल में बंद महिला प्रधान,फिर भी सरकारी खाते से निकले 10.39 लाख रुपये।

भ्रष्टाचार का आरोप:- जेल में बंद महिला प्रधान,फिर भी सरकारी खाते से निकले 10.39 लाख रुपये।

रुद्रपुर (उधमसिंह नगर)-27 फरवरी 2026

उधमसिंह नगर जिले के किच्छा क्षेत्र के ग्राम दरऊ से सरकारी धन के कथित दुरुपयोग का एक गंभीर मामला सामने आया है। गांव की महिला प्रधान नाज़िया बी 13 दिसंबर से जेल में बंद है, उसके बाद भी उनके पति द्वारा सरकारी डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाणपत्र (डीएससी) का इस्तेमाल कर लाखों रुपये सरकारी खाते से निकाले जाने का आरोप लगा है। इस पूरे मामले का खुलासा किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ ने प्रेसवार्ता में किया है। जिला प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। ये मामला उधम सिंह नगर के किच्छा क्षेत्र के ग्राम दरऊ का है। जुलाई 2025 में हुए पंचायत चुनाव में ग्राम दरऊ से भाजपा नेता अब्दुल गफ्फार की पत्नी नाज़िया बी ने ग्राम प्रधान का चुनाव जीता था। आरोप है कि चुनाव लड़ने के समय नाज़िया बी कोटद्वार में दर्ज तीन मुकदमों में वांछित थीं और पुलिस उनकी तलाश कर रही थी। बाद में 13 दिसंबर को पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया और तब से नाजिया बी पौड़ी जेल में बंद हैं।

कांग्रेस विधायक तिलक राज बेहड़ ने किया बड़ा खुलासा⤵️

किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ ने रुद्रपुर स्थित अपने आवास पर आयोजित प्रेसवार्ता में बड़ा खुलासा किया। उनके अनुसार, जेल में बंद होने के बावजूद नाज़िया बी का डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (डीएससी) फ्रीज नहीं किया गया। बताया गया कि प्रधान ने एक पत्र जारी कर अपने पैर में फ्रैक्चर होने का हवाला देते हुए अपने पति अब्दुल गफ्फार को प्रतिनिधि नियुक्त कर दिया। विधायक का आरोप है कि इसी आधार पर अब्दुल गफ्फार ने विकासखंड के अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर डीएससी का दुरुपयोग किया और सरकारी खाते से कुल 10 लाख 39 हजार रुपये निकाल लिए। कांग्रेस विधायक ने कहा कि-जब प्रधान जेल में थीं, तब नियमानुसार उनकी डीएससी तत्काल प्रभाव से निलंबित या फ्रीज की जानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया, जिससे सरकारी धन की निकासी संभव हो सकी। कहा कि हमने नितिन सिंह भदौरिया (जिलाधिकारी) से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और तीन दिन के भीतर ग्राम प्रधान के पति एवं संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तय समय में कार्रवाई नहीं हुई, तो वे डीएम कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे

सीडीओ ने दिए जांच के आदेश⤵️

इस मामले पर उधम सिंह नगर के मुख्य विकास अधिकारी देवेश शासनी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि,जानकारी मिलते ही पंचायती राज अधिकारी को जांच के आदेश दे दिए गए हैं। हम आश्वासन देते हैं कि विस्तृत जांच कर साक्ष्यों सहित आख्या शीघ्र प्रस्तुत की जाएगी। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

यह मामला न केवल पंचायत स्तर पर पारदर्शिता पर सवाल खड़ा कर रहा है, बल्कि डिजिटल प्रणाली की निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्न उठा रहा है। यदि ग्राम प्रधान जेल में थीं, तो उनकी डीएससी सक्रिय कैसे रही? क्या यह प्रशासनिक लापरवाही थी या मिलीभगत। अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन की जांच रिपोर्ट और संभावित कार्रवाई पर टिकी हैं. यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो यह मामला पंचायत स्तर पर सरकारी धन के दुरुपयोग का एक बड़ा उदाहरण बन सकता है।उधर कांग्रेस विधायक तिलकराज बेहड़ की डीएम कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी भी प्रशासन को जल्दी जांच पूरी कर कानूनी कार्रवाई करने को मजबूर करेगी।

हथियार तस्करों ने लिया था नाजिया बी के शौहर अब्दुल गफ्फार का नाम⤵️

गौरतलब है कि 20 फरवरी को उत्तर प्रदेश की बरेली पुलिस ने अवैध हथियार सप्लाई गिरोह का भंडाफोड़ किया था। बरेली पुलिस ने दो हथियार तस्करों तसलीम अहमद और सोमू खान को गिरफ्तार किया था। इनके कब्जे से 5 अवैध पिस्टल और कारतूस बरामद हुए थे। बरेली पुलिस ने बताया था कि इन तस्करों ने हथियार किच्छा क्षेत्र के ग्राम दरऊ के प्रधानपति अब्दुल गफ्फार खान और शमी को सप्लाई किए जाने की बात स्वीकारी थी।अब्दुल गफ्फार खान भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष रह चुका है। मामले के तूल पकड़ने के बाद किच्छा के कांग्रेस विधायक तिलक राज बेहड़ ने प्रेस वार्ता की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि इन हथियारों को किच्छा में हिंसा भड़काने और हत्या जैसी घटनाओं को अंजाम देने के उद्देश्य से मंगाया जा रहा था। उन्होंने उधम सिंह नगर पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की थी।

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