शिक्षक को 20 साल की जेल,नाबालिग छात्रा से किया था दुष्कर्म।

शिक्षक को 20 साल की जेल,नाबालिग छात्रा से किया था दुष्कर्म।

देहरादून-18 मार्च 2026

अपर जिला एवं सेंशन जज देहरादून रजनी शुक्ला की अदालत ने किशोरी से दुष्कर्म मामले में आरोपी शिक्षक को दोषी माना है। कोर्ट ने दोषी शिक्षक को 20 साल के सक्षम कारावास की सजा सुनाई है. साथ ही कोर्ट ने दोषी पर 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। यदि दोषी जुर्माने का भुगतान नहीं करता है तो उसको अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई जाएगी. अदालत ने दोषी शिक्षक को 18 दिन के भीतर पॉक्सो के दूसरे मामले में दंडित किया।

जानकारी के अनुसार यह घटना साल 2019 से 2021 के बीच की है। मेघालय निवासी पीड़िता की मां ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 13 वर्षीय बेटी देहरादून के नेहरू कॉलोनी थाना क्षेत्र में स्थित स्कूल में पढ़ाई करती है। स्कूल के संचालक जनार्धन बिंजोला है। इसके साथ ही एक महिला भी यहां काम करती थी।

पीड़िता की मां ने पुलिस को बताया था कि संस्थान का अपना खुद का हॉस्टल था, जिसमें उनकी बेटी रहती थी। बेटी के साथ जनार्धन बिंजोला ने कई बार दुष्कर्म किया। यह बात बेटी ने तब बताई जब डेढ़ साल बाद 23 जुलाई 2021 को एक अन्य पीड़िता ने संस्थान के संचालक जनार्धन बिंजोला पर दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए उसके खिलाफ प्राथमिक दर्ज कराई थी। यह घटना सामने आने के बाद उन्होंने अपनी बेटी से पूछा कि क्या तुम्हारे साथ भी ऐसा हुआ है तो उसने पूरी आप बीती बताई. बेटी ने अपनी मां को बताया कि वह सभी जनार्धन बिंजोला को पापा कहकर पुकारते थे. उसने एक दिन कहा कि सिर में दर्द हो रहा है। ऐसे में वह उसके कमरे में सो गए। उसकी बातों में आकर वह उसके साथ सो गई और रात को उसने गलत हरकत करते हुए दुष्कर्म किया।

पीड़िता कहना था कि जब उसने इस मामले की शिकायत महिला से की तो उसने चुप रहने के लिए कहा। इसके बाद डेढ़ साल तक कई बार उसने दुष्कर्म किया. जब भी वह अपनी मां से फोन पर बात करती थी तो फोन स्पीकर पर रखा जाता था और मां के पास नहीं जाने दिया जाता था। इसके अलावा जान से मारने की धमकी भी दी जाती थी।उसके बाद 23 जुलाई 2021 को नेहरू कॉलोनी थाने में मुकदमा दर्ज होने के महज दो माह के भीतर अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। 28 फरवरी 2026 को इसी अदालत ने हास्टल की एक अन्य छात्रा से दुष्कर्म के मामले में 20 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी। हालांकि दोनों मामलों में सह-आरोपित महिला को बरी कर दिया है।

सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता किशोर कुमार ने अदालत को बताया कि पीड़िता महज 15 साल की थी और सातवीं कक्षा में पढ़ती थी. उसके हास्टल में ही रहती थी, जहां सात-आठ लड़कियां और चार लड़के भी रहते थे. अदालत ने शिक्षक जनार्धन बिंजोला को किशोरी के साथ दुष्कर्म करने के मामले में दोषी करार देते हुए 20 साल के कारावास की सजा सुनाई ओर 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!