चमोली जिले के जंगलों में लगी आग पर दो दिनों के बाद वन विभाग की टीम ने पाया काबू।

चमोली जिले के जंगलों में लगी आग पर दो दिनों के बाद वन विभाग की टीम ने पाया काबू।

चमोली-02 अप्रैल 2026

उत्तराखंड में तापमान बढ़ने के साथ ही जंगलों में आग लगने का सिलसिला भी शुरू हो जाता है। हालांकि इस बार बीते दिनों हुई बारिश के कारण जंगलों की आग से वन विभाग को थोड़ी राहत जरूर मिली थी, लेकिन जैसे ही मौसम साफ हुआ, जंगलों की आग फिर धधकने लगी। उत्तराखंड के चमोली जिले में बीते दो दिनों से जंगल धधक रहे थे, जिस पर आज वन विभाग की टीम ने काबू पा लिया। जंगल की आग शांत होने के बाद वन विभाग ने भी राहत की सांस ली।

जानकारी के मुताबिक चमोली जिले के लाखी, चुनाकोट, केदारूखाल और बेनीताल क्षेत्रों से वनाग्नि की घटनाएं सामने आई है। बीते दो दिनों के अंदर इस इलाकों में बड़ी मात्रा में वन संपदा जलकर खाक हुई है. इसके अलावा जंगलों में लगी आग से धुएं का गुब्बार भी उठा हुआ था, जिस कारण आसपास के इलाकों में लोगों को सांस लेने में काफी दिक्कते हुई। वहीं इस आग में कुछ जंगली जानवरों के नुकसान पहुंचे भी खबर है।

बताया जा रहा है कि वन विभाग की टीम बीते दो दिनों से दिन-रात चमोली जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में लगी आग को बुझाने में लगी हुई थी, लेकिन सफलता नहीं मिल पा रही है। हालांकि आज वन विभाग की मेहनत रंग लाई और जंगलों में लगी भीषण आग पर काबू पाया गया। बदरीनाथ वन प्रभाग के प्रभागीय वन अधिकारी सर्वेश दुबे ने जानकारी देते हुए बताया कि जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में आग लगी थी, जिसे अब पूरी तरह नियंत्रित कर लिया गया है। विभाग उन शरारती तत्वों की पहचान करने में जुटा है, जो जंगलों में आग लगाने जैसी घटनाओं में शामिल हो सकते हैं। ऐसे लोगों पर कड़ी नजर रखी जाएगी और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि उत्तराखंड में हर साल 15 फरवरी से 15 जून का समय जंगलों की आग को लेकर काफी गंभीर माना जाता है। इस समय को फायर सीजन कहा जाता है। क्योंकि इस दौरान जंगलों में आग लगने की आशंका सबसे ज्यादा होती है।

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