उत्तरकाशी के नेहरू पर्वतारोहण संस्थान में साल 2018 से 2022 तक हुई अनियमितताओं की जांच पर हाईकोर्ट में सुनवाई, राज्य-केंद्र सरकार से जवाब तलब।

उत्तरकाशी के नेहरू पर्वतारोहण संस्थान में साल 2018 से 2022 तक हुई अनियमितताओं की जांच पर हाईकोर्ट में सुनवाई, राज्य-केंद्र सरकार से जवाब तलब।

नैनीताल-09 अप्रैल 2026

उत्तरकाशी में स्थित नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (NIM) में साल 2018 से 2022 तक हुई कई अनियमितताओं के मामले की जांच कराने को लेकर दायर जनहित याचिका नैनीताल हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। पूरे मामले को सुनने के बाद कोर्ट की खंडपीठ ने राज्य और केंद्र सरकार से इस पर अपना जवाब पेश करने को कहा है। आज यानी 9 अप्रैल को इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ में हुई। इससे पहले कोर्ट ने राज्य सरकार, केंद्र सरकार और अन्य पक्षकारों से इसमें जवाब पेश करने को कहा था, लेकिन अभी तक जवाब पेश नहीं करने पर पक्षकारों की ओर से कोर्ट से अनुरोध किया कि उन्हें शपथ पत्र पेश करने के लिए और समय दिया जाए। जिस पर कोर्ट ने उन्हें अतिरिक्त समय देते हुए जवाब पेश करने को कहा है।

➡️क्या है पूरा मामला?⤵️

दरअसल दिनेश चंद्र उनियाल ने नैनीताल हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की। जिसमें उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा है कि उत्तरकाशी में स्थित निम यानी नेहरू पर्वतारोहण संस्थान में साल 2018 से 2022 तक कई तरह की अनियमितताएं के साथ रोजगार देने के नाम पर कई तरह के घपले हुए हैं। लिहाजा, इस मामले की पूरी जांच कराई जाए। जबकि, इसका विरोध करते हुए राज्य और केंद्र सरकार की ओर से कहा गया कि इस प्रकरण में कोई अनियमितता नहीं हुई। वहीं, शिकायतकर्ता ने अपनी याचिका में आरोप लगाए हैं कि रजिस्ट्रार को पक्षकार तक नहीं बनाया गया। जबकि, कैग यानी भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक इस प्रकरण की जांच पहले ही कर चुकी है। उसकी रिपोर्ट में किसी तरह की अनियमियता होने की पुष्टि नहीं हुई है. इसलिए जनहित याचिका में लगाए गए आरोप निराधार हैं और इसे निरस्त किया जाए। जिस पर कोर्ट ने राज्य सरकार समेत केंद्र सरकार से लगाए गए आरोपों के आधार पर अपना जवाब पेश करने को कहा है।

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