रुद्रप्रयाग के सिरसी हेलीपैड से केदारनाथ धाम के लिए हेलीकॉप्टर सेवा पहले ही दिन हुई बाधित,यात्रियों को झेलनी पड़ी फजीहत।

रुद्रप्रयाग के सिरसी हेलीपैड से केदारनाथ धाम के लिए हेलीकॉप्टर सेवा पहले ही दिन हुई बाधित,यात्रियों को झेलनी पड़ी फजीहत।

रुद्रप्रयाग-22 अप्रैल 2026

केदारनाथ धाम के कपाट खुलते ही जहां एक ओर आस्था का सैलाब उमड़ा, वहीं यात्रा के पहले ही दिन व्यवस्थाओं की पोल खुलती नजर आई। हेली सेवा बाधित होने से सैकड़ों श्रद्धालुओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। जानकारी के अनुसार, हिमालयन हेली सर्विस लिमिटेड द्वारा संचालित हेलीकॉप्टर सेवाएं सुबह निर्धारित समय पर उड़ान नहीं भर सकीं। बताया जा रहा है कि सुबह 6 बजे से शुरू होने वाली उड़ानों को सुबह 9 तक भी केदारनाथ में लैंडिंग की अनुमति नहीं मिल पाई, जिसके चलते पूरी सेवा प्रभावित रही।

सिरसी हेलीपैड पर सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे, लेकिन उड़ानें रद्द होने के कारण कई यात्रियों को वापस लौटना पड़ा। वहीं, सैकड़ों श्रद्धालु घंटों से अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए. श्रद्धालुओं के मुताबिक, सुबह 6 बजे से सुबह 11 बजे तक एक भी हेली ने उड़ान नहीं भरी है।

कंपनी की ओर से यात्रियों के लिए जारी बयान में बताया गया है कि,’हमें आपको यह बताते हुए दुख हो रहा है कि सुबह 6 बजे से 9 बजे के स्लॉट के लिए तय आपके हेलीकॉप्टर टिकट ऑपरेशनल पाबंदियों की वजह से कैंसल कर दिए गए हैं। हम इसके लिए दिल से माफी मांगते हैं.’कंपनी की ओर से आश्वासन दिया गया है कि टिकट के पैसे एक सप्ताह के भीतर वापस कर दिए जाएंगे, लेकिन इससे श्रद्धालुओं का आक्रोश कम नहीं हुआ है।

➡️वीआईपी मूवमेंट बना बड़ी वजह⤵️

हेली सेवा प्रभावित होने के पीछे वीआईपी मूवमेंट को प्रमुख कारण बताया जा रहा है। कंपनी के अनुसार, केदारनाथ में अधिक वीआईपी आवाजाही के चलते सामान्य उड़ानों को लैंडिंग की अनुमति नहीं मिल पाई, जिससे आम श्रद्धालुओं को परेशानी झेलनी पड़ी। हर साल यात्रा से पहले सरकार द्वारा बेहतर व्यवस्थाओं के दावे किए जाते हैं, लेकिन पहले ही दिन सामने आई अव्यवस्थाओं ने इन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि यदि शुरुआती दिन ही ऐसी स्थिति रही, तो आगे की यात्रा और अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकती है। हेलीपैड पर मौजूद यात्रियों ने व्यवस्था सुधारने और वीआईपी मूवमेंट के बीच संतुलन बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि आम श्रद्धालुओं को नजर अंदाज कर वीआईपी को प्राथमिकता देना उचित नहीं है। आस्था के इस बड़े पर्व की शुरुआत अव्यवस्थाओं के बीच हुई है।

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