अग्निवीर भर्ती परीक्षा केंद्र अन्य राज्यों में आवंटित होने से युवा परेशान,पिछली भर्ती का चयन परिणाम सवा साल की प्रक्रिया के बाद भी जारी नहीं।
अनजान शहरों में परीक्षा केंद्र,दूरी ओर भारी भरकम खर्च रोक रही युवाओं की राह
मेहलचौरी (गैरसैंण )-25 मई 2026
रिपोर्ट- प्रेम संगेला
वर्तमान में चल रही अग्निपथ योजना के अंतर्गत अग्निवीर भर्ती की तैयारी कर रहे आवेदकों को भर्ती प्रक्रिया के दौरान खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है ।
जिससे आवेदन करने वाले युवाओं में असमंजस की स्थिति बनती हुई है.दरअसल वर्तमान में गढवाल मंडल के गैरसैंण विकासखंड के अग्निवीर आवेदकों को आनलाइन परीक्षा के केन्द्र अन्य राज्यों में आवंटित किए जाने से युवाओं में ऊहापोह की स्थिति बनती हुई है।
प्रस्तावित सत्र के लिए मार्च माह में ऑनलाइन आवेदन करने के बाद अब जून माह में होने वाली ऑनलाइन परीक्षाओं के लिए परीक्षा केंद्रों का आवंटन अन्य दूरस्थ राज्यों में किया गया है । जिनमें कई युवा ओर युवतियों को दिल्ली , उत्तर प्रदेश , हरियाणा ,राजस्थान ओर पंजाब जैसे दूरस्थ राज्यों में परीक्षा केंद्र आवंटित किए गए हैं,जबकि इससे पूर्व पिछली भर्तियों में उत्तराखंड के आवेदकों को उत्तराखंड के ही अन्य जनपदों में परीक्षा केंद्र की सुविधा दी गयी थी। इस बार दूरस्थ राज्यों के अनजान शहरों में परीक्षा केंद्र होने से जहां युवाओं को एक तरफ लंबी दूरी नापनी पड़ेगी ,तो वहीं आने जाने में लगने वाले दिनों की संख्या के साथ ही भारी भरकम खर्च का जुगाड करना भी पहाडी क्षेत्रों के कई गरीब परिवार के आवेदकों के लिए मुसीबत बना हुआ है, जिससे कई युवा भर्ती में शामिल होने को लेकर ही असमंजस की स्थिति में हैं।
वहीं दूसरी तरफ पिछले सत्र की भर्ती परीक्षा प्रक्रिया के सवा साल बीतने के बावजूद अंतिम चयन परिणाम घोषित न होने से भी इंतजार कर रहे युवा तनाव में जीने को मजबूर हैं.पिछले वर्ष 2025 के माह मार्च -अप्रैल में आवेदन भरने के बाद जून -जुलाई के मध्य माह में परीक्षा व दिसंबर- जनवरी के मध्य माह में कोटद्वार में शारीरिक परीक्षा संपन्न करवायी गयी थी, लेकिन 6 माह बीतने के बावजूद अंतिम चयन परिणाम घोषित न होने से आवेदक लंबा इंतजार करने को मजबूर हैं.जिसके चलते पिछली बार के आवेदक इस बार भी भर्ती परीक्षा की तैयारी में भी जुटे हुए हैं।
पिछली भर्ती चयन परीक्ष का परिणाम यदि वर्तमान आवेदन की तिथी से पूर्व ही घोषित कर दिये जाते तो, सफल अभ्यर्थियों को दोबारा से तैयारी नहीं करनी पड़ती, जिससे वर्तमान परीक्षा के लिए तैयारी कर रहे युवाओं की संख्या भी कम रहती ओर भर्ती करने वाली एजेंसी पर भी दबाव कम रहता।जिसको लेकर रक्षा विभाग को चाहिए कि भर्ती के अंतिम चयन परिणाम समय पर जारी किए जाने के साथ ही पहाडी क्षेत्र के आवेदकों को अपने ही राज्य में परीक्षा केंद्र आवंटित किए जाने की सुविधा पूर्व की भांती दी जाए।
