यूपी के विधायक राजा भैया की पत्नी भानवी सिंह की जमीन को लेकर बड़ा फैंसला, होगी सरकार के नाम।

यूपी के विधायक राजा भैया की पत्नी भानवी सिंह की जमीन को लेकर बड़ा फैंसला, होगी सरकार के नाम।

नैनीताल:-05 जून 2026

जिला मजिस्ट्रेट ललित मोहन रयाल की कोर्ट ने भूमि उपयोग एवं भू-सुधार कानूनों के उल्लंघन के प्रकरणों पर सुनवाई करते हुए कई भूखंडों को राज्य सरकार के पक्ष में निहित करने के आदेश पारित किए हैं।

इसमें सबसे महत्वपूर्ण एवं चर्चित प्रकरण उत्तर प्रदेश में प्रतापगढ़ जिले के कुंडा के विधायक व पूर्व मंत्री रघुनाथ प्रताप सिंह उर्फ राजा भैय्या की पत्नी भानवी सिंह के नाम की भूमि का मामला भी है। डीएम कोर्ट की इस कार्रवाई को भूमि उपयोग नियमों के प्रभावी अनुपालन तथा कृषि एवं बागवानी प्रयोजनों के लिए आवंटित भूमि के दुरुपयोग पर नियंत्रण की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

दरअसल दो दशक पहले नैनीताल के कैंची धाम तहसील अंतर्गत सिल्टोना गांव में पूर्व मंत्री व विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया की पत्नी भानवी सिंह, निवासी बैंती कोठी, बैंती ऊपरहार, प्रतापगढ़ (कुंडा) उत्तर प्रदेश की ओर से बागवानी प्रयोजन के लिए क्रय की गई थी। कोर्ट में मामला आने के बाद जिला प्रशासन की ओर से इस भूमि का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में भूमि पर स्थित 27 नाशपाती के वृक्षों तथा उनके लिए छह फीट चौड़ा पहुंच मार्ग सुरक्षित रखने के बाद 0.0344 हेक्टेयर भूमि भानवी सिंह के पक्ष में बनाए रखने का निर्णय लिया गया।

जबकि अवशेष 0.5206 हेक्टेयर भूमि को राज्य सरकार के पक्ष में निहित करने के आदेश दिए गए हैं। कोर्ट ने इस मामले में उद्यान विभाग से हार्टीकल्चर टैक्नोलॉजी मिशन के अंतर्गत एक हेक्टेयर में कितने पेड़ हो सकते हैं, इसको लेकर भी रिपोर्ट मांगी थी, जिसके बाद आदेश पारित किया गया।

कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान भानवी सिंह भी पेश हुई थी। यहां उल्लेखनीय है कि शादी के 28 साल बाद कुंडा के विधायक राजा भैया का पत्नी भानवी सिंह के साथ तलाक व घरेलू हिंसा का कानूनी विवाद चल रहा है। यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है।

वहीं एक अन्य प्रकरण में कैंचीधाम क्षेत्र के ग्राम छड़ा,पट्टी मझेड़ा निवासी आनंद सिंह एवं राजेंद्र सिंह पुत्रगण पूरन सिंह को कृषि कार्य के लिए पट्टे पर आवंटित भूमि पर आवासीय मकान एवं दुकान का निर्माण किया गया था। मामले की सुनवाई के बाद डीएम कोर्ट ने 0.033 हेक्टेयर भूमि का पट्टा निरस्त करते हुए उसे सरकार के पक्ष में निहित करने के आदेश निर्गत किए हैं। भूमि उपयोग परिवर्तन की शर्तों का उल्लंघन पाए जाने पर 3572 वर्ग मीटर भूमि को राज्य सरकार के पक्ष में निहित करने का आदेश दिया गया है।

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