पुलिसकर्मियों पर लगा छेड़छाड़ का आरोप, दर्ज हुआ मुकदमा,बर्खास्तगी की तैयारी।
नैनीताल-14 जून 2026
कैंची धाम स्थापना दिवस की ड्यूटी के दौरान दो पुलिसकर्मियों पर लगे गंभीर आरोपों के बाद पुलिस प्रशासन ने त्वरित और सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में ले लिया है। मामले में नामजद एफआईआर दर्ज होने के साथ ही विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो दोषी कर्मियों के खिलाफ सेवा से बर्खास्तगी तक की कार्रवाई की जाएगी।
विश्व प्रसिद्ध कैंचीधाम में स्थापना दिवस मेले से ठीक पहले बड़ा बवाल हो गया है, मेले की ड्यूटी में तैनात दो पुलिस के सिपाहियों पर होमस्टे संचालक की बेटी से कथित छेड़खानी का आरोप लगा है। आरोपों से भड़के स्थानीय लोगों ने दोनों सिपाहियों को पकड़कर उनकी पिटाई कर दी और पुलिस चौकी का घेराव कर दिया। घटना के बाद पूरे कैंचीधाम क्षेत्र में पुलिस के खिलाफ भारी आक्रोश देखने को मिला। मामले का संज्ञान लेते हुए नैनीताल एसएसपी ने दोनों के खिलाफ एक्शन लिया है। दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
एसएसपी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि ड्यूटी के दौरान नशाखोरी, अनुशासनहीनता या किसी भी प्रकार का आपराधिक कृत्य किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, उन्होंने कहा कानून सभी के लिए समान है। दोषी पाए जाने पर पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने निलंबन के साथ-साथ सेवा से बर्खास्तगी तक की कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
बता दें 15 जून को होने वाले कैंचीधाम स्थापना दिवस मेले से पहले आस्था की नगरी में हंगामा खड़ा हो गया। मंदिर के समीप स्थित एक होमस्टे संचालक की बेटी ने मेले की ड्यूटी में तैनात दो पुलिस सिपाहियों पर छेड़खानी का आरोप लगाया. घटना की खबर फैलते ही स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और देखते ही देखते क्षेत्र में भारी भीड़ जमा हो गई।आरोप है कि आक्रोशित लोगों ने दोनों सिपाहियों को पकड़ लिया और उनकी जमकर पिटाई कर दी और लोग पुलिस चौकी तक ले जाकर कार्रवाई की मांग पर अड़ गए।लोगों ने चौकी का घेराव करते हुए पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
घटना के बाद स्थानीय लोगों और व्यापारियों का गुस्सा केवल आरोपित सिपाहियों तक सीमित नहीं रहा,उन्होंने मेले से 3 दिन पहले पुलिस द्वारा कैंचीधाम क्षेत्र और नैनीताल जिले की सीमाओं पर वाहनों की आवाजाही रोके जाने पर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि श्रद्धालुओं, पर्यटकों और व्यापारियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है,जबकि पुलिस मनमाने तरीके से नियम लागू कर रही है। उनका कहना है कि पुलिस ने स्थापना दिवस से तीन दिन पहले ही कर्फ्यू जैसा माहौल बना दिया है। कैंची धाम क्षेत्र में 3 दिन पहले ही बैरिकेटिंग कर दी गई है और वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित कर दिया गया है, ऐसा पहले कभी नहीं हुआ।
वहीं,कैंचीधाम में लाखों श्रद्धालुओं के आगमन से पहले हुए इस घटनाक्रम ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। उधर, नैनीताल के एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने मामले की पुष्टि करते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए हैं।एसएसपी ने कहा है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। स्थापना दिवस जैसे बड़े आयोजन से ठीक पहले सामने आई इस घटना ने कैंचीधाम में पुलिस और जनता के बीच दूरी बढ़ा दी है।
