पंतनगर विश्वविद्यालय पेंशन रिकवरी मामले में हाईकोर्ट का बड़ा आदेश।
नैनीताल:-19 जून 2026
उत्तराखंड उच्च न्यायालय में पंतनगर विश्वविद्यालय से सेवानिवृत्त शिक्षकों की पेंशन से रिकवरी संबंधी याचिका में विश्वविद्यालय के मुख्य कोषाधिकारी और विश्वविद्यालय निदेशक को आदेश जारी कर सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन से काटी धनराशि को 8 सप्ताह के भीतर भुगतान करने को कहा है। जिसमें सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन से काटी गई राशि को 8 सप्ताह के भीतर भुगतान करन को कहा गया है। मामले की सुनवाई के बाद वरिष्ठ न्यायमूर्ती मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की खण्डपीठ ने उनकी याचिका को निस्तारित करते हुए उक्त आदेश पारित किया है।
मामले के अनुसार पंतनगर विश्वविद्यालय सेवानिवृत्त कर्मचारी संघ द्वारा उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर कहा है कि वे पंतनगर विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त शिक्षक हैं। वे वर्ष 1-1-2006 से पहले सेवानिवृत्त हो चुके हैं. वर्ष 2016 में उनको मुख्य कोषाअधिकारी के द्वारा गलत तरीके से अधिक का भुगतान कर दिया था। 31 दिसम्बर 2022 को कोषाधिकारी ने निदेशक को पत्र भेजकर कहा कि अतरिक्त दिए गए भुगतान राशि की इनसे रिकवरी की जाये. विश्वविद्यालय प्रसाशन ने बिना उनका पक्ष सुने उनके खाते से 1 लाख 54 हजार रुपये की रिकवरी की। याचिका में यह भी कहा गया कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा जारी सरकारी गजट 2009 के नोडिफिकेशन के अनुसार उनकी पेंशन की राशि से रिकवरी नहीं की जा सकती है। याचिका में कोर्ट से प्रार्थना की है कि उनकी पेंशन से विश्वविद्यालय द्वारा जो रिकवरी की गई है उसे उन्हें वापस दिलाया जाये. याचिका में 77 सेवानिवृत्त शिक्षकों के द्वारा सीटीओ और निदेशक के रिकवरी आदेश को चुनौती दी गयी, जिसके बाद इस मामले में सुनवाई चल रही थी। सुनवाई में हाईकोर्ट ने सेवानिवृत्त शिक्षकों को राहत दी है। कोर्ट ने मुख्य कोषागार अधिकारी उधमसिंह नगर, पंत नगर विश्वविद्यालय के निदेशक को आदेश जारी किया. जिसमें सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन से काटी गई राशि को 8 सप्ताह के भीतर भुगतान करन को कहा गया है।
