कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत और नैनीताल विधायक सरिता आर्य को मिला SIR का नोटिस।
नैनीताल:-05 अगस्त 2026
उत्तराखंड में निर्वाचन आयोग द्वारा विभिन्न जगहों पर विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इसी बीच लोगों का घर-घर जाकर मतदाता सत्यापन कार्य किया जा रहा है। सत्यापन अभियान के दौरान एक अनोखा मामला देखने को मिला है जिसमें आम नागरिकों की तरह कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत और नैनीताल विधायक सरिता आर्य समेत शहर के कई प्रमुख लोगों के निवास स्थल पर भी SIR के नोटिस पहुंचाए गए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार नैनीताल विधायक सरिता आर्या के आवास पर जब SIR का नोटिस पहुंचा तो उनके और उनके छोटे बेटे से जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया। इसी तरह से कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत के आवास पर भी सत्यापन प्रक्रिया के तहत नोटिस पहुंचाया गया। इसके अलावा शहर के अन्य प्रतिष्ठित नागरिकों के घरों पर भी SIR नोटिस पहुंचाया गया है।
बताते चलें निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार चल रहे इस अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को सही करना है। इसके अलावा बूथ लेवल पर अधिकारी के घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन किया जा रहा है तथा आवश्यक जानकारी प्राप्त की जा रही है। जिले में यह अभियान सभी मतदाताओं पर सम्मान रूप से लागू किया जा रहा है चाहें वह आम नागरिक हों या संवैधानिक। निर्वाचन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अभियान पूरी तरह से नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है जिसके जरिए प्रत्येक पत्र मतदाता का सही विवरण सुनिश्चित किया जा रहा है। नैनीताल एसडीएम नवाजिश खालिक ने बताया कि नैनीताल विधानसभा क्षेत्र में SIR में दी गई शिकायतों पर सुनवाई शुरू हो चुकी है ताकि जो कमियां हैं उन्हें जल्द से पूरा किया जा सकें।
बताते चलें उत्तराखंड में एसआईआर का काम तेजी से चल रहा है। गौर हो 14 जुलाई से फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 भरने की प्रक्रिया जारी है जो 13 अगस्त तक चलनी है। इस दौरान सभी पात्र नागरिक अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। निर्वाचन विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अंतिम प्रकाशित होने वाली मतदाता सूची पूरी तरह शुद्ध और अपडेटेड हो।
अब तक करीब 19 लाख ऐसे मतदाताओं की पहचान की गई है जिनके रिकॉर्ड में किसी न किसी प्रकार की त्रुटि पाई गई है। अभियान के दौरान अभी भी करीब 5.26 लाख मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो पाई है। मतदाताओं तक पहुंचने और उनकी जानकारी का सत्यापन करने के लिए बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) के माध्यम से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
एसआईआर (SIR) नोटिस मिलने को लेकर नैनीताल विधायक सरिता आर्य ने बताया कि,पहले 2003 में मैं यहां नगर पालिका अध्यक्ष थी तो मेरे पते में नैनीताल लिखा था। अब उसमें भूमियाधार जुड़ गया है तो उसी में नोटिस आया है। मुझे और मेरे छोटे बेटे को नोटिस भेजा गया था,मैंने अपने साक्ष्य दे दिए हैं। पते को लेकर थोड़ी दिक्कत थी। पुराने पते को ले लिया गया था। अन्य लोगों को भी नोटिस आए हैं। कमिश्नर साहब को भी आया है। कहा कि, सभी लोग अपने डॉक्यूमेंट्स जमा करवाएं और त्रुटियां ठीक करवा लें।
