चमोली जिले के रागतोली गांव के गधेरे में जीवित नवजात मिलने से हड़कंप,पुलिस जांच में जुटी।
चमोली:-06 अगस्त 2026
एक और जहां आजकल आसमान से आफत बरस रही है तो वहीं,चारों तरफ पहाड़ खिसक रहे हैं। इस बीच उफनते नाले के पास एक मां दो दिन के मासूम को छोड़ गई।
उत्तराखंड के चमोली मे चारों तरफ बारिश ओर भूस्खलन की खबर से प्रसासन दो चार हो ही रहा था की आसमानी आफत के बीच कोई माँ नन्हे से मासूम को बारिश के बीच एक उफनते नाले के पास रख कर चली गई। जानकारी मिलते ही प्रसासन ने उसका रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया जहां अब डाक्टरों की देखरेख मे फिलहाल व स्वस्थ है।
चमोली जिले के दशोली विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत रागतोली के समीप एक गधेरे में लावारिस हालत में जीवित नवजात शिशु मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने नवजात को तत्काल जिला चिकित्सालय पहुंचाकर भर्ती कराया,जहां उसका उपचार चल रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार चमोली कोतवाली से लगभग 12 किलोमीटर दूर स्थित रागतोली गांव के समीप गुरुवार सुबह स्थानीय लोगों ने गधेरे में एक नवजात शिशु को जीवित अवस्था में देखा। इसके बाद उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और नवजात को सुरक्षित जिला चिकित्सालय पहुंचाया।
स्थानीय लोगों का मानना है कि नवजात को सुबह के समय ही वहां छोड़ा गया होगा, क्योंकि वह जीवित मिला। घटना को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कुछ लोग इसे अवैध संबंधों से जोड़कर भी देख रहे हैं,हालांकि इसकी अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस का कहना है कि फिलहाल मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि नवजात को वहां कौन और किन परिस्थितियों में छोड़कर गया। मामले में सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर छानबीन जारी है।
जिला चिकित्सालय की मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. अनुराग धानिक ने बताया कि गधेरे में मिला नवजात बेबी बॉय है। बच्चे को हाइपोथर्मिया (शरीर का तापमान सामान्य से कम होने) की समस्या थी।प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए उसे बेस अस्पताल श्रीनगर रेफर किया गया है। उन्होंने बताया कि फिलहाल नवजात की स्थिति स्थिर है।
