चमोली टीएचडीसी टनल हादसे व तमक नाले में अतिवृष्टि से हुए हादसे की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश,15 दिन में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश।
चमोली:- 19 अगस्त 2026
जनपद चमोली के हाट (पीपलकोटी) क्षेत्र में टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में 13 अगस्त 2026 को हुई दुर्घटना के संबंध में जिलाधिकारी चमोली ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी किए हैं। जारी आदेश के अनुसार 13 अगस्त की शाम लगभग 7 बजे निर्माणाधीन टनल में कार्य के दौरान अचानक भारी जल प्रवाह एवं मलबा आने से टनल क्षतिग्रस्त हो गई। घटना के समय टनल के अंदर 22 श्रमिक कार्य कर रहे थे।
जिलाधिकारी ने परगना मजिस्ट्रेट/उप जिलाधिकारी चमोली को जांच अधिकारी नामित किया है। जांच अधिकारी को दुर्घटना के कारणों, घटना के लिए उत्तरदायी परिस्थितियों एवं संभावित लापरवाही आदि की विस्तृत जांच करते हुए अपनी रिपोर्ट 15 दिन के भीतर अधोहस्ताक्षरी को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। जांच के दौरान दुर्घटना से संबंधित सभी पहलुओं, सुरक्षा व्यवस्थाओं, टनल में कार्य के दौरान अपनाए जा रहे सुरक्षा मानकों तथा दुर्घटना के कारणों का परीक्षण किया जाएगा। साथ ही भविष्य में इस प्रकार की दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के संबंध में आवश्यक सुझाव भी जांच रिपोर्ट में शामिल किए जाएंगे। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को जांच में आवश्यक सहयोग एवं अभिलेख उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
तमक नाले में अतिवृष्टि से हुए हादसे की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश
वहीं दूसरी ओर,जनपद चमोली के ज्योतिर्मठ तहसील क्षेत्रांतर्गत तपोवन के समीप तमक नाले में अतिवृष्टि के कारण अत्यधिक पानी एवं मलबा आने से हुई दुर्घटना को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी चमोली ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी किए हैं।
तहसीलदार ज्योतिर्मठ की रिपोर्ट के अनुसार, अतिवृष्टि के कारण तमक नाले में अत्यधिक पानी एवं मलबा आने से नाले पर स्थित पुल/मार्ग प्रभावित हुआ तथा आवागमन बाधित हुआ। मौके के निरीक्षण के दौरान पाया गया कि तमक नाले में आए मलबे एवं पानी के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग-107 पर नाले के बहाव में तीन वाहन प्रभावित हुए। इनमें सीमा सड़क संगठन की 123 इकाई के दो वाहन शामिल हैं, जबकि एक पिकअप/लोडर वाहन नाले के तेज बहाव में बह गया।
जिलाधिकारी ने परगना मजिस्ट्रेट/उप जिलाधिकारी ज्योतिर्मठ को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। जांच अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि वे निर्धारित अवधि में घटना की विस्तृत जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
मजिस्ट्रियल जांच में दुर्घटना के कारणों,घटनाक्रम,प्रभावित वाहनों एवं लापता व्यक्ति से संबंधित समस्त तथ्यों का परीक्षण किया जाएगा। साथ ही भविष्य में इस प्रकार की दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपायों एवं सुझावों को भी जांच रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा।जिलाधिकारी ने जांच अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि घटना की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच करते हुए 15 दिन के भीतर जांच आख्या उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
