उत्तरकाशी के ग्रुप कैप्टन गौरव कुंडलिया को राष्ट्रपति सम्मान, ऑपरेशन सिंदूर में निभाई थी अहम जिम्मेदारी।
उत्तराकाशी:-02 सितंबर 2026
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के लिए गौरव की बात सामने आ रही है। जिले के ज्ञानसू निवासी भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन गौरव कुंडलिया को ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के दौरान उनकी उल्लेखनीय सेवाओं के लिए राष्ट्रपति की ओर से मेंशन इन डिस्पैच (Mention in Despatches) सम्मान प्रदान किया गया है। इस उपलब्धि के बाद क्षेत्र में उनके परिवार और परिचितों में खुशी का माहौल है।
ऑपरेशन सिंदूर में संभाली अहम जिम्मेदारी।
ग्रुप कैप्टन गौरव कुंडलिया ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान वायुसेना के एक अग्रिम बेस पर तैनात यूएवी यूनिट (UAV Unit) का नेतृत्व किया। अभियान के दौरान यूनिट की जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से संभालने और संचालन में योगदान के लिए उन्हें यह प्रतिष्ठित सैन्य सम्मान मिला है। राष्ट्रपति की ओर से दिए जाने वाले इस सम्मान को सशस्त्र बलों में किसी अधिकारी की विशिष्ट और सराहनीय सेवा की मान्यता के तौर पर देखा जाता है। गौरव कुंडलिया की उपलब्धि ने उत्तरकाशी का नाम भी राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है।
एनडीए से शुरू हुआ सैन्य सफर।
ज्ञानसू निवासी सेवानिवृत्त सरकारी शिक्षक प्रभाकर कुंडलिया और संपत्ति कुंडलिया के बेटे गौरव कुंडलिया ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा मसीह दिलासा स्कूल से पूरी की। इसके बाद वर्ष 2003 में उन्होंने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (National Defence Academy) से प्रशिक्षण पूरा किया। एनडीए के बाद उनका चयन भारतीय वायुसेना में हुआ और वर्ष 2004 में उन्होंने फाइटर पायलट (Fighter Pilot) के रूप में कमीशन प्राप्त किया। इसके बाद उन्होंने वायुसेना में विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं और अपने लंबे सेवाकाल में उड़ान से लेकर प्रशिक्षण तक कई भूमिकाएं निभाईं।
मिग-21 और सुखोई जैसे लड़ाकू विमानों का उड़ाया है।
गौरव कुंडलिया को भारतीय वायुसेना के प्रमुख लड़ाकू विमानों में शामिल मिग-21 (MiG-21) और सुखोई (Sukhoi) उड़ाने का अनुभव है। वह उड़ान प्रशिक्षण अकादमी में प्रशिक्षक की भूमिका भी निभा चुके हैं। इस दौरान उन्होंने नए पायलटों को प्रशिक्षण देने और उनकी उड़ान दक्षता विकसित करने में योगदान दिया। उनकी विशेषज्ञता केवल लड़ाकू विमानों तक सीमित नहीं रही। मानव रहित हवाई प्रणालियों यानी यूएवी (Unmanned Aerial Vehicles) से जुड़े क्षेत्र में भी उन्होंने अपनी दक्षता का परिचय दिया है।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी साझा किया अनुभव।
यूएवी तकनीक से जुड़े उनके अनुभव को देखते हुए उन्हें स्वायत्त हवाई वाहनों पर आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन (International Conference) में व्याख्यान देने के लिए भी आमंत्रित किया जा चुका है। यह उपलब्धि उनकी तकनीकी समझ और सैन्य क्षेत्र में उनके अनुभव को दर्शाती है।
गौरव कुंडलिया का परिवार सैन्य सेवा की परंपरा से भी जुड़ा हुआ है। उनके बड़े भाई कर्नल सौरभ कुंडलिया भारतीय सेना में सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में परिवार के दोनों भाइयों का देश की रक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण दायित्वों में योगदान उत्तरकाशी के लिए भी गर्व का विषय है।
जनप्रतिनिधियों ने दी बधाई
ग्रुप कैप्टन गौरव कुंडलिया को राष्ट्रपति सम्मान मिलने पर गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान, पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण और कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंह रावत ने बधाई दी है। उन्होंने गौरव कुंडलिया की उपलब्धि को उत्तरकाशी जिले के लिए सम्मान की बात बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। ऑपरेशन सिंदूर में जिम्मेदारी निभाने के बाद राष्ट्रपति सम्मान प्राप्त करना ग्रुप कैप्टन गौरव कुंडलिया के सैन्य करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल हो गया है। उनकी यह सफलता उत्तरकाशी के युवाओं के लिए भी प्रेरणादायक मानी जा रही है।
