पिथौरागढ़ में बड़ा हादसा टला, 30 मीटर खाई में गिरने से पहले पेड़ ने थामी बोलेरो।
पिथौरागढ़:-15 सितंबर 2026
पिथौरागढ़ में मंगलवार को थल-पिथौरागढ़ मार्ग पर एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते बच गया। सुवालेख-भौड़ी के बीच बिछुल के पास एक बोलेरो अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे करीब 30 मीटर गहरी खाई की तरफ लुढ़क गई। वाहन के खाई में गिरने से पहले ही एक पेड़ से टकराकर वह वहीं अटक गई। पेड़ के सहारे बोलेरो रुक जाने से उसमें सवार सात लोगों की जान बच गई, हालांकि हादसे में चालक समेत सभी सात लोग घायल हो गए। इनमें तीन लोगों की हालत गंभीर बताई गई है।
हादसे के वक्त बोलेरो थल से मशीन का सामान लेकर पिथौरागढ़ की ओर लौट रही थी। घायलों के मुताबिक वाहन की रफ्तार काफी तेज थी। इसी दौरान सड़क के ऊपर एक अन्य वाहन खड़ा होने के कारण चालक को बोलेरो संभालने में परेशानी हुई। देखते ही देखते वाहन सड़क से नीचे खाई की ओर चला गया। करीब 30 मीटर तक लुढ़कने के बाद बोलेरो एक पेड़ में फंस गई और आगे खाई में जाने से रुक गई।
दुर्घटना में लखतीगांव डीडीहाट निवासी चालक दीपांकर (32), उसकी मां मधु देवी (50), छोटा भाई निवेश कुमार (25) और मुवानी स्कूल में तैनात संजौता कोहली (32) घायल हुए हैं। इसके अलावा बझांग, नेपाल निवासी दीपक चुनारा (32), हरीश कुमार (27) और सुरेश (22), जो वर्तमान में कुमौड़ में रह रहे हैं, भी हादसे में घायल हुए।
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मदद के लिए हाथ बढ़ाया और घायलों को बाहर निकालकर निजी वाहनों से पिथौरागढ़ ले जाने की व्यवस्था की। रास्ते में 108 एंबुलेंस मिलने के बाद सभी घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। घटना की जानकारी मिलते ही पिथौरागढ़ जिला अस्पताल में चिकित्सकों को अलर्ट कर दिया गया। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डीपी सिंह के अनुसार घायलों के इलाज के लिए सर्जन, ईएनटी सर्जन समेत अन्य डॉक्टरों को तैनात किया गया। सभी घायलों का उपचार किया जा रहा है और फिलहाल उनकी स्थिति ठीक बताई जा रही है।
इस हादसे में सबसे अहम बात यह रही कि बोलेरो खाई के तल तक नहीं पहुंची। करीब 30 मीटर नीचे जाने के बाद पेड़ ने वाहन को थाम लिया। अगर बोलेरो पेड़ में नहीं अटकती और सीधे गहरी खाई में गिर जाती, तो हादसा कहीं ज्यादा गंभीर हो सकता था। इस तरह सड़क किनारे खड़ा एक पेड़ सात लोगों के लिए जिंदगी और मौत के बीच सुरक्षा कवच बन गया।
