शिक्षकों का सुगम और दुर्गम ट्रांसफर मामला,हाईकोर्ट ने माध्यमिक शिक्षा निदेशक से मांगा जवाब।
नैनीताल:-17 सितंबर 2026
हाईकोर्ट ने राज्य में शिक्षकों के दुर्गम और सुगम में स्थानांतरण को लेकर माध्यमिक शिक्षा निदेशक से जवाब मांगा है। इस मामले में 26 अक्टूबर को सुनवाई होगी। मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने जीवन सिंह की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए ये निर्देश दिए। कोर्ट ने यह बताने को कहा है कि इस समस्या का समाधान किस तरह किया जाएगा? अब तक इसके लिए क्या कदम उठाए गए हैं? अदालत के समक्ष राज्य सरकार की ओर से स्थानांतरित शिक्षकों से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत किये गये. जवाब में कहा गया कि लेक्चरर के 189 शिक्षक दुर्गम से सुगम तथा 4 शिक्षक सुगम से दुर्गम क्षेत्रों में भेजे गए। इसी तरह कुमाऊं मंडल में एलटी के 133 शिक्षक दुर्गम से सुगम और केवल 3 शिक्षक सुगम से दुर्गम क्षेत्रों में स्थानांतरित हुए। प्राथमिक शिक्षा संवर्ग में 171 शिक्षक दुर्गम से सुगम क्षेत्रों में तथा सुगम से दुर्गम क्षेत्रों में 52 शिक्षकों का तबादला हुआ।
सुनवाई के दौरान यह सुझाव दिया गया कि इस दोनों के बीच अंतर को अतिथि शिक्षकों की मदद से दूर किया जा सकता है। कोर्ट ने कहा कि राज्य की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि इस दिशा में अब तक क्या कदम उठाए गए हैं। दुर्गम क्षेत्रों से बड़ी संख्या में शिक्षकों के सुगम क्षेत्रों में तबादले के बाद वहां शिक्षण व्यवस्था और शिक्षा के स्तर को किस प्रकार बनाए रखा जाएगा। मामले में नैनीताल हाईकोर्ट ने माध्यमिक शिक्षा निदेशक से जवाब मांगा है। इस मामले में 26 अक्टूबर को सुनवाई होगी।
