माँ की सौगंध लेकर हरीश रावत ने कहा नौकरी या पद के बदले कभी एक पैसा नहीं लिया।
देहरादून:-18 सितंबर 2026
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो जारी कर अपनी मां की सौगंध खाते हुए आरोपों का खंडन किया है। उन्होंने कहा कि नौकरी देने या राजनीतिक पद दिलाने के बदले उन्होंने कभी किसी से पैसा नहीं लिया, यहां तक कि चाय-पानी तक नहीं पिया।
वीडियो में हरीश रावत मां जगदंबा, देवी भवानी और धरती मां को साक्षी मानते हुए कहते हैं कि उम्र के इस पड़ाव में उन पर कलंक लगाने का नियोजित प्रयास हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि 2017 और 2022 में भी उनके खिलाफ झूठ गढ़े गए थे, लेकिन कोई साक्ष्य नहीं मिला।
“मैंने कभी किसी को नौकरी देने के बदले एक पैसा लेना तो छोड़िए, उससे कभी चाय और पानी तक नहीं पिया। जिसको दिया होगा, मैंने दिया होगा मां,” हरीश रावत ने कहा कि,उन्होंने राजनीतिक पद देने के बदले भी किसी से सौदा न करने का दावा किया और हजारों लोगों की सिफारिश का जिक्र किया। उन्होंने अपने पूर्व सहयोगी चंदन का भी जिक्र किया, जिनकी कमाई जब्त होने का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके बच्चों की पढ़ाई और आजीविका की चिंता है। रावत ने कहा कि उनके पास खुद घर का खर्च चलाने के पर्याप्त साधन नहीं हैं।
मां से प्रार्थना करते हुए उन्होंने कहा कि जब तक यह कलंक न धुल जाए, उनकी सांसें चलती रहें। स्वास्थ्य और शरीर आज्ञा न दें तो भी सफाई के लिए लोगों के बीच जाना पड़ेगा। वीडियो के अंत में उन्होंने बार-बार मां से रक्षा की गुहार लगाई। यह बयान उनके पूर्व ओएसडी चंदन सिंह जीना के घर पर प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई के बाद आया है। ईडी ने 2016 की ग्राम पंचायत विकास अधिकारी परीक्षा से जुड़े मामले में छापेमारी की थी, इसके बाद रावत ने पार्टी के पदों से इस्तीफा भी दिया था। हरीश रावत का कहना है कि कलंक के साथ मरना नहीं चाहते और संघर्ष जारी रखेंगे।
